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यूक्रेन और रूस के युद्ध से भारतीयों की होली पर महंगाई का वार, खाद्य तेलों के दाम बढ़े

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झांसी। यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई से भारतीयों को अबकी साल की होली महंगी पड़ेगी। असल में इस युद्ध के कारण एक ही हफ्ते में कच्चे तेल के दामों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। खाद्य तेलों के रेट प्रति किलो 20 से 25 रुपये बढ़ गए हैं।
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खाद्य तेलों के लिए भारत यूक्रेन से बड़ी मात्रा में सूरजमुखी (सनफ्लावर) का तेल आयात करता है। यूक्रेन के हालात बिगड़ने से वहां से माल आयात करने में कई बधाएं आ रही हैं इससे शहरों में खाद्य तेलों के रेट प्रति किलो 20 से 25 रुपये बढ़ गए हैं। ऐसे में इस महंगाई के वार का असर होली के त्योहार पर साफ दिखेगा।
होली पर घर-घर गुझिया, पापड़, चिप्स, मठरी और दूसरे पकवान बनाने के लिए खाद्य तेल खरीदा जाता है। लेकिन इस बार तेल काफी महंगा है। सुभाषगंज, खोवा बाजार और बालाजी रोड के खाद्य तेल कारोबारी बता रहे हैं कि एक हफ्ते पहले जिस खाद्य तेल (रिफाइंड) की कीमत 1950 रुपये प्रति 15 किलो टिन थी। इस हफ्ते बुधवार को वह टिन 2460 रुपये की बिकी है। ऐसे में सिर्फ छह-सात दिनों में 15 किलो की टिन में 500 रुपये से ज्यादा का फर्क आ गया। इससे सिर्फ त्योहार पर गुझिया, पापड़ और तेल की खरीदारी पर ही नहीं, नमकीन और किराना बाजार पर भी खासा असर पड़ा है।
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एक हफ्ते में खाद्य तेलों के रेट तेजी से बढ़ गए
यूक्रेन और रूस का युद्ध शुरू होते ही खाद्य तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। दो हफ्ते पहले 15 किलो का जो रिफाइंड 1950 रुपये का मिलता था वह अब 2460 रुपये में मिल रहा है। कच्चे तेल में आई बढ़ोतरी से खाद्य तेलों के रेट काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
विवेक गुप्ता-किराना कारोबारी, सुभाषगंज
युद्ध चलता रहा तो रेट और बढ़ जाएंगे
यूक्रेन और रूस के युद्ध से कच्चा तेल महंगा हो गया है। भारत बड़ी मात्रा में सूरजमुखी का तेल यूक्रेन से आयात करता है। चूंकि वहां युद्ध चल रहा है ऐसे में माल कम आ पा रहा है। इसी वजह से सभी तरह के खाद्य तेलों के दाम बढ़े हुए हैं। युद्ध आगे भी चलता रहा तो रेट और अधिक बढ़ जाएंगे।
सुनील-तेल कारोबारी, खोया मंडी
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प्रतिकिलो 25 रुपये का फर्क आ गया है
फुटकर खाद्य तेलों के रेट में इधर एक हफ्ते में तकरीबन 20 से 25 रुपये प्रति किलो का फर्क आया है। कच्चे तेल के रेट बढ़ने के अलावा पेट्रोल-डीजल के रेट में भी जिस तरह से तेजी आई है, उसे देखते हुए होली के त्योहार पर अबकी काफी महंगाई आई है। रेट और बढ़ सकते हैं।
आदेश प्रताप-किराना दुकानदार
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आंकड़े बताते हैं-यूक्रेन सनफ्लावर ऑयल का मुख्य सोर्स है
झांसी। भारत देश यूक्रेन से केमिकल्स के अलावा खाने वाला तेल और मशीनें खरीदता है। यूक्रेन की स्थिति को देखते हुए इस समय आयात कम हो पा रहा है। इसका प्रभाव कच्चे तेल पर ही नहीं, इससे जुड़े कई छोटे-बड़े कारोबार पर भी पड़ रहा। कच्चे तेल के दामों में वृद्धि होने से पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ेंगे। कच्चे तेल का इस्तेमाल प्लास्टिक, फार्मास्युटिकल्स, मशीनरी, पेंट और अन्य वस्तुओं में किया जाता है। यूक्रेन सनफ्लावर का मुख्य सोर्स है। हालात को देखते हुए तेल की सप्लाई बाधित हुई है। इससे कीमतें चढ़ गई हैं।
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