झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में फाइन आर्ट्स सम्मति कलावृत्त के अंतर्गत चित्रकार अमृता शेरगिल की जयंती पर समाजसेविका अनुराधा शर्मा ने कहा कि भारतीय चित्रकला में नए आयाम स्थापित करने में अमृता शेरगिल का अहम योगदान है। उनकी कृतियां तीन बहनें, हाट की ओर में भारतीय परिदृश्य प्रदर्शित होता है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. देवेश निगम ने कहा कि कला से ही हम जीवन की राह सीखते हैं। कलाकार की नजर में पूरा संसार बसता है। अमृता शेरगिल की कलाकृतियां जहां भारतीय जनमानस के भाव बोध को प्रस्तुत करती हैं, वहीं विश्व स्तर पर भारतीय चित्रकला को स्थापित किया था। कुलसचिव नारायण प्रसाद ने कहा कि रंग में वह जादू है, जो रंगने वाले, भीगने वाले और देखने वाले तीनों के मन को विभोर कर देते हैं। चित्रकार द्वारा खींची गई एक सामान्य सी रेखा में भी जीवन के तत्व दिखाई देते हैं। संयोजिका डॉ. श्वेता पांडेय ने बताया कि कलावृत्त कलाकारों के योगदान को याद करने का पूरा प्रयास करता है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संचालन सुमित झा और मनीषा राव ने किया। दिलीप कुमार, दीपांशु डे, पूनम डे, डॉ. मधुरिमा नायक, डॉ. अजय कुमार गुप्त, मुकुल वर्मा, नंदिनी, देव नामदेव, श्रद्धा, ललित आदि मौजूद रहे।