वायरल वीडियो में फूटा बच्चों और अभिभावकों का दर्द
यह पूरा विवाद झांसी जिले के बंगरा ब्लॉक स्थित मगरवारा गांव का है। ग्रामीण और अभिभावक बेहद आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि 15 अगस्त पर बच्चों को लड्डू बांटने की वर्षों पुरानी परंपरा इस बार तोड़ दी गई।
वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नन्हे-मुन्ने बच्चे साफ तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि झंडारोहण के बाद उन्हें प्रसाद के लड्डू नहीं दिए गए और उन्हें खाली हाथ मायूस होकर घर लौटना पड़ा।
'प्रधान के लोगों ने अपनों को बांटे लड्डू'
आखिर बच्चों के हक के प्रसाद पर किसने डाका डाला? इस सवाल का जवाब देते हुए कम्पोजिट विद्यालय मगरवारा के प्रधानाध्यापक चंद्रभान दुबे ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त के कार्यक्रम और लड्डू वितरण की पूरी व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर से की जाती है।
प्रधानाध्यापक के मुताबिक, ग्राम पंचायत प्रधान के आदमियों ने स्कूल में आकर केवल अपने ही 'चिन्हित' और चहेते लोगों को लड्डू बांट दिए। इस बंदरबांट का नतीजा यह हुआ कि स्कूल के असली हकदार (बच्चे) प्रसाद से पूरी तरह वंचित रह गए।
अब आगे क्या?
बच्चों के आरोपों में कितनी सत्यता है और इस भारी लापरवाही के पीछे असली कसूरवार कौन है, यह अब जांच का विषय है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीण अब स्थानीय प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वह इस मामले का संज्ञान ले और दोषियों पर उचित कार्रवाई करे।