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आयकरः कोरोना में रिटर्न भरने वालों की चाल भी पड़ी धीमी

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income tax logo.jpg - फोटो : income tax logo.jpg
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झांसी। कोरोना महामारी के चलते आयकर रिटर्न जमा करने की तारीख 31 दिसंबर है। मगर अभी तक सिर्फ झांसी- ललितपुर परिक्षेत्र में साठ हजार करदाताओं ने अपने रिटर्न जमा किए। जबकि पिछले साल नवंबर तक एक लाख दस हजार से अधिक करदाता अपना रिटर्न दाखिल कर चुके थे।
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वर्तमान समय में आयकर रिटर्न भरना सभी के लिए उपयोगी है। हर खरीद, बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बार कोरोना महामारी के चलते 31 जुलाई को रिटर्न भरने की तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। तिथि बढ़ने के कारण रिटर्न दाखिल करने वाले करदाता भी धीमे पड़े हैं। पिछले साल की तुलना में नवंबर तक 50 हजार कम करदाताओं ने अपने टैक्स जमा किए हैं। अभी तक 60085 करदाताओं ने अपने रिटर्न ऑनलाइन दाखिल किए हैं। झांसी- ललितपुर परिक्षेत्र में 1.41 लाख करदाता है।
रिटर्न दाखिल करने के लाभ
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- कभी कोई जांच हो जाए तो रिटर्न साक्ष्य के काम आता है।
- रिटर्न भरने से आपकी आर्थिक हैसियत का पता लगता है।
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी।
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी।
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए।
- रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है।
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पैन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते हैं।
नोटबंदी के नोटिस नहीं छोड़ रहे साथ
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नोटबंदी के दौरान न्यूनतम सीमा से अधिक रुपये (दो लाख से अधिक) जमा करने वालों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व में दिए गए नोटिस के जवाब से संतुष्ट न होने पर आयकर विभाग ने दोबारा उनको ऑनलाइन नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नोटबंदी के दौरान आठ नंवबर 2016 से 30 मार्च 2017 तक बैंक खातों में दो लाख से अधिक जमा करने वालों को अपने रिटर्न में यह जानकारी देना जरूरी था। आयकर विभाग का मानना था कि अगर कोई व्यक्ति अपने बचत खाते में नोटबंदी के दौरान दो लाख से अधिक रुपये जमा करता या निकालता है तो निश्चित ही उसके आय के स्रोत अच्छे हैं। ऐसे में यह जानकारी रिटर्न भरते समय दिखाना जरूरी है। साथ ही, एक साल में बचत खाते से दस लाख से ज्यादा जमा या निकाले गए हों तो ऐसे व्यक्तियों को भी रिटर्न में जानकारी देना है। इसके अलावा तीस लाख से अधिक की रजिस्ट्री कराने पर भी रिटर्न में दिखाना जरूरी है। छह सौ से अधिक करदाताओं ने अपने रिटर्न में इन तथ्यों को छुपाया। अब ऐसे लोगों को दोबारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अगर , इस बार भी विभाग जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो ऐसे मामलों में स्क्रूटनी नोटिस जारी कर कर निर्धारण की कार्रवाई होगी।
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