झांसी। एक ही नाम के दो ट्रेनों के कुछ अंतर पर आने और बिना जानकारी उसी नाम की दूसरी ट्रेन पर सवार होना यात्रियों को भारी पड़ गया। सफर में जल्दबाजी के चलते यात्री ट्रेन से कूदे और अपने एक साथी को खो बैठे। अगर चलती ट्रेन से कूदने की बजाए वह अगले स्टेशन पर उतरकर वापस आते तो पांचों सुरक्षित होते। गोरखपुर के पांच यात्रियों के ट्रेन से कूदने की घटना यात्रियों की लापरवाही का परिणाम रही।
राजमुंद्री में निजी काम करने वाले गोरखपुर के गंगाहा थाना क्षेत्र के देवकली धर्मसेना निवासी अजय कुमार (35), विजय कुमार (28), संजय (25) सगे भाई, संदीप (28) चचेरा भाई और उनके फूफा जगमोहन बुधवार की देर रात राजमुंद्री जाने के लिए गोरखपुर से झांसी पहुंचे। सभी का झांसी से 02806 एपी एक्सप्रेस के एसी थ्री टियर में रिजर्वेशन था। जीआरपी उपाधीक्षक नईम मंसूरी ने बताया कि रात में नई दिल्ली की ओर जाने वाली 02805 एपी एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन देर रात करीब सवा 12 बजे झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार पर पहुंची तो रेलवे द्वारा किए जा रहे प्रसारण पर ध्यान न देते हुए सभी लोग उसी में सवार हो गए। उन्होंने यह भी ध्यान नहीं दिया कि उनकी ट्रेन 02806 एपी एक्सप्रेस के झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने का समय एक बजे है। ट्रेन निर्धारित समय एक बजे पर रवाना होने की बजाए 12 बजकर 27 मिनट पर नई दिल्ली के लिए रवाना हुई तब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और गेट पर पहुंचते तब तक ट्रेन प्लेटफार्म छोड़ चुकी थी। कच्चे पुल के समीप आउटर होने के कारण ट्रेन की रफ्तार कुछ धीमी हुई तो सभी लोग ट्रेन से कूदने लगे। इसी बीच बाकी लोग तो पटरी के किनारे गिरकर घायल हो गए लेकिन अजय किसी तरह ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई। आरपीएफ द्वारा मिली सूचना पर जीआरपी और रेलवे के चिकित्साधिकारी अमन अहमद घटना स्थल पर पहुंचे। जांच में अमन अहमद अजय को मृत घोषित कर दिया जबकि उसका भाई विजय गंभीर रूप से घायल हो गया। शेष लोग आंशिक रूप से घायल हुए थे। एंबुलेंस के माध्यम उन्हें मेडिकल कालेज में उपचार के लिए भर्ती कराया। जीआरपी उपाधीक्षक ने बताया कि अगर वह घबराकर कूदने की बजाए विवेकपूर्ण निर्णय लेते हुए अगले स्टेशन पर उतरकर वापस आते तो यह हादसा न होता।