अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्स कर्मियों ने वेतन नहीं बढ़ाने, वर्षों बाद भी अनस्किल्ड मानने व समय पर ईपीएफ नहीं काटने की शिकायत की। इस पर मानवाधिकार आयोग ने डीएम को पूरे मामले की जांच कर 28 जनवरी तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
मानवाधिकार आयोग से शिकायत करने वाले ने स्वयं को आउटसोर्स पर चार वर्ष से कार्यरत बताया है। उसका आरोप है कि दो वर्ष से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वेतन के नाम पर सिर्फ 8013 रुपये दिए जा रहे हैं। जब भी वेतन बढ़ाने के लिए कहा जाता है, तो केवल आश्वास ही मिलता है। आरोप लगाया न तो समय पर वेतन दिया जाता है और न ईपीएफ काटा जाता है। ईएसआईसी नंबर एवं कार्ड उपलब्ध नहीं कराया है जिससे बीमारी में लाभ मिल सके। रहा है।
कॉलेज में सफाई कर्मचारी, वार्ड बॉय, कारपेंट, माली, बेल्डर आदि सभी आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे हैं। कोई चार-पांच वर्ष तो कोई आठ से 10 साल से अनस्किल्ड श्रेणी में ही काम कर रहा है। आयोग से पूछा है कि क्या आजीवन अनस्किल श्रेणी में अपनी सेवा देते रहेंगे।
उप-प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने बताया मानवाधिकार आयोग से पत्र मिला है। इसको लेकर आउटसोर्स कंपनी से रिपोर्ट मांगी गई है। जिस पर कंपनी ने शपथपत्र सौंपते हुए हर कर्मी का समय पर ईपीएफ काटने की बात कही है।