झांसी। 18 से 59 साल तक के लोगों को बूस्टर डोज लगाने के लिए झांसी का एक भी नर्सिंगहोम तैयार नहीं हो पाया है। इनके सामने बड़ी समस्या ये खड़ी हो गई है कि एक साथ दस लोगों को डोज लगवाने के लिए इकट्ठा कैसे करेंगे। जो पैसे देगा, वो डोज लगवाने के लिए इंतजार नहीं करेगा। दूसरी तरफ, छह घंटे में शीशी खत्म नहीं हुई तो वैक्सीन बर्बाद हो जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बीते 10 अप्रैल से सभी निजी टीकाकरण केंद्रों पर भुगतान कर बूस्टर डोज लगाने की मंजूरी दे चुका है। एक महीने बीत जाने के बाद भी झांसी में अब तक लोग बूस्टर डोज लगने का इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों को दोनों खुराक लगे नौ महीने का समय बीत चुका है। वहीं, कोरोना वायरस के भी मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। करीब दो सप्ताह पहले नर्सिंगहोम एसोसिएशन, आईएमए के पदाधिकारियों की सीएमओ ने बैठक बुलाई थी। बैठक में बूस्टर डोज लगाने को लेकर काफी चर्चा हुई मगर अब तक कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। झांसी नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरआर सिंह ने बताया कि बैठक के बाद ही उन्होंने सभी नर्सिंगहोम संचालकों को मेसेज किया था। पूछा था कि कौन बूस्टर डोज लगाने के लिए तैयार है। मगर एक भी अस्पताल संचालक ने हामी नहीं भरी है। उन्होंने बताया कि बड़ी समस्या एक साथ 10 लोगों के एकत्र होने की है। जो भी व्यक्ति पैसे देकर वैक्सीन लगवाएगा वो तो चंद मिनट की देरी का भी इंतजार नहीं करेगा। समय पर वैक्सीन की शीशी खत्म नहीं हुई तो बची हुई डोज बेकार हो जाएगी।