कैसे मिले बेहतर इलाज, डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग
- सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों के कई पद पड़े हैं खाली
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों का जबरदस्त टोटा है। कहीं पर फिजीशियन नहीं है तो कहीं सर्जन। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी हल्की-फुल्की दिक्कतों पर भी मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
मौजूदा समय में जनपद में 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 88 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इनमें भी सीएचसी बरुआसागर, मोंठ, समथर, बामौर, गरौठा, बंगरा, रानीपुर, मऊरानीपुर में चिकित्सकों की काफी टोटा है। वहीं, पीएचसी में 33 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इनमें भी एक तिहाई चिकित्सक नहीं हैं। डॉक्टरों के पद रिक्त होने की वजह से खासकर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमराई हुई हैं। इस मामले में सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि लगातार डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कई रिक्त पद भर जाएंगे।
ये है स्थिति
पदनाम स्वीकृत पद रिक्त पद
लेवल 4 15 10
लेवल 3 9 7
लेवल 1/2 137 51
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कुल 161 68
(नोट: आंकड़े सीएमओ के अधीन डॉक्टरों के हैं।)