झांसी।
स्मार्ट सिटी के लिए कार्य योजना जन भावनाओं के अनुरूप बनाई जानी है।
लोगों से शहर को स्मार्ट बनाने के लिए अब नगर निगम कैंप लगाकर उनकी राय
जानेगा। 15 से 19 अक्तूबर तक महानगर के विभिन्न वार्डों में आयोजित होने
वाले कैंपों की जिम्मेदारी अवर अभियंताओं को दी गई है।
सोमवार को नगर
निगम में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर किरन राजू बुकसेलर ने कहा
कि क्षेत्र के विकास के लिए लोगों से मौके पर ही प्रस्ताव प्राप्त करें।
साथ ही मौके पर ही लोगों की भ्रांतियों का निराकरण भी करें। उन्होंने अवर
अभियंताओं को विभिन्न वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी।
महापौर ने नवरात्र
में देवी मां की प्रतिमाओं के पंडालों के पास नियमित सफाई कराने व प्रकाश
पुंज दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुहर्रम के अवसर पर निकलने
वाले ताजियों के मार्ग की सफाई और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने को
कहा। बैठक में अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, मुख्य अभियंता आरके वर्मा, नगर
स्वास्थ्य अधिकारी राकेश बाबू, अधिशासी अभियंता आरके सिंह, रवि निरंजन,
दयानंद मुरबानी, संपत्ति कर अधिकारी डॉ. पुष्पराज गौतम, प्रदीप खरे, अंकुश
शुक्ला, राजीव गौतम आदि मौजूद रहे।
कैंप आयोजन के लिए अभियंताओं को सौंपे गए वार्ड
इं.
एसके ओझा 15 अक्तूबर को वार्ड संख्या 2 व 15 में, 16 को 4 व 23 में, 17 को
26 व 29 में 18 को 42 व 43 में एवं 19 को 47 व 51 में कैंप का आयोजन
कराएंगे। इं. विनोद कुमार सोनी 15 अक्तूबर को वार्ड संख्या 18 व 41 में, 16
को 44 व 50 में, 17 को 46 व 57 में 18 को 52 व 54 में एवं 19 को 56 व 60
में कैंप का आयोजन कराएंगे। इं. जी. बेक 15 अक्तूबर को वार्ड संख्या 6 व 7
में, 16 को 16 व 17 में, 17 को 21 व 22 में 18 को 27 व 55 में एवं 19 को 38
व 59 में कैंप का आयोजन कराएंगे। इं. एमके जैन 15 अक्तूबर को वार्ड संख्या
5 व 53 में, 16 को 48 व 49 में, 17 को 32 व 34 में 18 को 10 व 31 में एवं
19 को 30 व 45 में कैंप का आयोजन कराएंगे।
इं. चंद्रशेखर अग्रवाल 15
अक्तूबर को वार्ड संख्या 24 व 39 में, 16 को 8 व 12 में, 17 को 9 व 14 में
18 को 3 व 40 में एवं 19 को 19 व 20 में कैंप का आयोजन कराएंगे। इं. अवधेश
कुमार 15 अक्तूबर को वार्ड संख्या 33 व 35 में, 16 को 13 व 25 में, 17 को 1
व 28 में 18 को 36 व 37 में एवं 19 को 11 व 58 में कैंप का आयोजन कराएंगे।
...तो क्या स्मार्ट सिटी बनाने को होगी तोड़फोड़
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए कुछ ऐसे कदम प्रशासन को उठाने हैं, जिसके लिए
व्यापारी वर्ग तैयार होने की स्थिति में नहीं है। पुनर्विकास के नाम पर
शहर के घने बाजार एवं घनी आबादी वाले कम से कम पचास एकड़ के टुकड़े को
ध्वस्त करके नये सिरे से तैयार करना है। स्मार्ट सिटी का यह बिंदु
व्यापारियों के गले नहीं उतर रहा है।
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने सोमवार
को नगर निगम के सभी पार्षदों सहित व्यापार मंडलों, स्वैच्छिक संगठनों,
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, वरिष्ठ नागरिक संगठन, रोटरी क्लब, लायंस
क्लब, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहित पत्रकारों को पत्र भेज कर स्मार्ट सिटी
के लिए चार बिंदुओं पर सुझाव मांगे हैं।
इनमें पुन: संयोजन, पुनर्विकास,
हरित क्षेत्र विकास व पैन सिटी प्रयास शामिल हैं। चारों बिंदुओं में से
पुनर्विकास एकमात्र ऐसा बिंदु है, जिस पर शायद आम सहमति न बने। पुनर्विकास
के तहत कम से कम पचास एकड़ के बाजार या आवासीय क्षेत्र को पूर्ण ध्वस्त
करके स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। इस योजना के तहत
सीपरी बाजार, नगरा, बड़ाबाजार, मानिक चौक आदि को चुना जाना है।
यह वह
क्षेत्र हैं जहां शहर का पूरा बाजार है, इन बाजारों का प्रतिदिन करोड़ों
रुपये का टर्नओवर है। करोड़ों की लागत से यहां बहुमंजिला मॉल व शोरूम आदि
बने हैं। ध्वस्तीकरण के बाद इनका पुनर्विकास होने की स्थिति में
व्यापारियों को उनके नुकसान के सापेक्ष भरपाई मिलेगी या नहीं यह बड़ा
प्रश्न है, वहीं दुकानें ध्वस्त होने की स्थिति में उनको कहां और कैसे
विस्थापित किया जाएगा, इसकी भी कोई योजना नहीं है। नगर निगम प्रशासन का
कहना है कि कोई भी योजना जबरन थोपी नहीं जाएगी, व्यापारियों के सुझाव के
बाद ही उस पर कदम बढ़ाया जाएगा। लेकिन व्यापारी बाजार को ध्वस्त कर
पुनर्विकास की बात पर संभव नहीं होंगे।
क्या कहते हैं व्यापारी
व्यापारी
विकास के हर पहलू के साथ हैं, लेकिन बाजार को पूरी तरह ध्वस्त कर उसे नये
सिरे से विकसित करने के मुद्दे पर वह तैयार नहीं होंगे।
संजय पटवारी, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल
पूर्व
में हुई बैठक में हमें यह बताया गया था कि शहर के पास कहीं जगह लेकर
स्मार्ट बाजार बनाया जाएगा। अब बाजारों को ध्वस्त कर उन्हें पुनर्विकसित
करने की बात की जा रही है, जो संभव नहीं है
विजय जैन, अध्यक्ष जय बुंदेलखंड व्यापार मंडल
बाजार
से अतिक्रमण हटाने, सड़कें बनाने और अन्य विकास कार्यों में व्यापारी
प्रशासन के साथ है, लेकिन बाजार को ध्वस्त कर उसे री- डेवलप करवाना संभव
नहीं है।
अतुल जैन, अध्यक्ष मानिक चौक व्यापार मंडल
यहां उदाहरण भी तैयार हैं
ऐसा
नहीं है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत ही किसी क्षेत्र को ध्वस्त कर उसे
पुनर्विकसित किया जा रहा हो। बिना स्मार्ट सिटी योजना के भी ऐसा हो रहा है।
मुंबई के भिंडी बाजार क्षेत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दुबई की कंपनियां री-
डेवलप कर रही हैं। दिल्ली के किदवई नगर में भी ऐसा करने की योजना पर काम
किया जा रहा है। इन्हीं उदाहरणों के आधार पर स्मार्ट सिटी में इस प्रस्ताव
को शामिल किया गया है।