झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोपों की जांच के लिए शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद समिति ने पाया कि रैगिंग के आरोप झूठे हैं। मारपीट के भी कोई सबूत नहीं मिले हैं। ये दो हॉस्टलों के बीच का विवाद है। ऐसे में मामले की जांच अब अनुशासन समिति करेगी।
मेडिकल कॉलेज में 2019 बैच के एमबीबीएस छात्रों ने एंटी रैगिंग सेल से 2016 और 2018 बैच के छात्रों के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज की शिकायत की है। इसके अलावा एक अन्य मामले में भी 2019 बैच के छात्रों ने सीनियर्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। एक मामले में एंटी रैगिंग सेल को शिकायती पत्र भेजकर तो दूसरे में फोन करके शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों ही मामलों की जांच के लिए शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. पारस गुप्ता, डॉ. रजनी गौतम, डॉ. जकी सिद्दीकी, डॉ. प्रभाकर बैस आदि समिति सदस्यों ने दोनों ही पक्षों को सुनने के बाद पता चला कि डॉ. सीवी रमन और धनवंतरी हॉस्टल के बीच विवाद चल रहा है। रैगिंग के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही मारपीट होने के भी कोई सबूत नहीं मिले हैं। ये बात जरूर सामने आई है कि खेल में हारने के दौरान हूटिंग के चलते कहासुनी के बाद शिकायत की गई है। ऐसे में अब दोनों ही प्रकरणों में जांच अनुशासन समिति करेगी। समिति माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले छात्रों को चिह्नित कर कार्रवाई करेगी।
एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में रैगिंग की पुष्टि नहीं हुई है। दो हॉस्टलों के बीच विवाद सामने आया है। ऐसे में कॉलेज का माहौल बिगाड़ने और छवि धूमिल करने का प्रयास करने वाले छात्रों की जांच अनुशासन समिति करेगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।