झांसी में शुक्रवार रात उत्कल एक्सप्रेस से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं की सूचना पर ईसाई धर्म की महिलाओं को उतारने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूरे प्रकरण में गृह मंत्रालय ने जीआरपी से रिपोर्ट मांगी है। इससे जीआरपी में हड़कंप मचा हुआ है।
मालूम हो कि उत्कल एक्सप्रेस में सवार दो नन और दो किशोरियां कोच संख्या बी 2 में सवार होकर नई दिल्ली से राउरकेला जा रही थीं। इसी ट्रेन के कोच संख्या बी1 में सवार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यकर्ता अजय शंकर तिवारी ने धर्मांतरण के शक में 182 पर कॉल कर इसकी सूचना दी थी।
इसके बाद ट्रेन के झांसी पहुंचने पर सभी को उतार लिया गया था। जांच में धर्मांतरण का मामला फर्जी पाए जाने पर सभी को छोड़ दिया गया था। बताया गया है कि ओडिशा चर्च सिरो माला वार ने मामले की निंदा कर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
मामले की शिकायत गृह मंत्रालय से की गई जिसके बाद मंत्रालय ने पूरे मामले का संज्ञान लेकर जीआरपी झांसी से रिपोर्ट मांगी है। सीओ जीआरपी नईम मंसूरी ने बताया कि शिकायत के बाद सभी को झांसी स्टेशन पर उतारकर जांच की गई थी। जांच में धर्मांतरण संबंधी मामला फर्जी निकला था। मंत्रालय द्वारा रिपोर्ट मांगी गई है।