झांसी। महानगर को रोशन करने के लिए हाईमास्ट लाइट लगवाने की पहल की गई। लेकिन कई लाइटें समय से पहले ही खराब हो गई हैं। कई जगहों से निगम ने लाइटें हटवा लीं, मगर आज तक नई लाइटों का पता नहीं है। ऐसे में महानगर के कई प्रमुख स्थान रात के वक्त अंधेरे में डूबे रहते हैं। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
महानगर में करीब तीन साल पहले हाई मास्ट लाइटें लगवाई गई थीं। लाइट लगने के बाद चारों तरफ रोशनी रहने से शहर रात के वक्त जगमग रहता था। आलम यह हुआ कि लाइटें तय समय से पहले ही खराब हो गईं। महानगर के गुदरी क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पास लगी हाईमास्ट लाइट करीब ढाई साल से खराब पड़ी है। स्थानीय पार्षद कई बार नगर निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर लाइट सही कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही महानगर के कोतवाली परिसर में लगी हाईमास्ट लाइट करीब एक साल पहले खराब होने पर नगर निगम की टीम उखाड़ कर ले गई थी। इसके बाद आज तक नई लाइट नहीं लगाई गई है। वहीं लक्ष्मणगंज क्षेत्र में भी हाईमास्ट लाइट खराब पड़ी हुई है। पार्षद कई बार लाइटों को सही कराने और नई लाइटें लगवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। पार्षद पुष्पेंद्र का कहना है कि हाईमास्ट लाइटों को सही कराने के लिए कई बार कह चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। पार्षद अमन राय का कहना है कि हाई मास्ट लाइट ढाई साल से खराब पड़ी है। महापौर से लेकर नगर आयुक्त तक सबसे शिकायत कर चुके हैं, मगर लाइट आज तक ठीक नहीं हुई हैं।
70 लाइटों का हुआ टेंडर
नगर निगम ने हाल ही में 70 नई हाईमास्ट लाइटों का टेंडर कराया है। लेकिन अब तक कार्यादेश जारी नहीं किया गया है। निगम अधिकारियों का दावा था कि दीपावली से पहले नई लाइटें लगवा दी जाएंगी। लेकिन अब तक लाइटें नहीं लग सकी हैं। जबकि लाइटों को लेकर पिछले कई बार से मांग की जा रही है।
हाईमास्ट लाइटों का टेंडर हो चुका है। जल्द ही लाइटें लगवा दी जाएंगी। पुरानी लाइटों को भी सही कराया जाएगा। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त