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रोडवेज बसों में मिटा दिए हेल्पलाइन नंबर, यात्री किससे करें शिकायत

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झांसी। रोडवेज बसों में लिखे हेल्पलाइन नंबर मिटा दिए गए हैं। किसी बस में हेल्पलाइन नंबरों पर रंग कर दिया है, तो किसी बस में नंबरों पर कागज चिपका दिए गए हैं। ऐसे में यात्री शिकायत करें भी किससे करें।
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रोडवेज बसों में यात्रियों की सुविधाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर लिखे गए थे। जिससे रोडवेज में यात्रा के दौरान कंडक्टर द्वारा किसी यात्री को परेशान करने या अन्य समस्या होने पर यात्री सीधे नंबर पर शिकायत कर सकता था, लेकिन बसों में इसको मिटा दिया गया है।
बताया जाता है कि अक्सर यात्री बस में समस्या होने पर शिकायत करते थे। इसमें चालक-परिचालकों की मनमानी की शिकायतें सबसे ज्यादा होती थीं। कई बसों में तो चालक-परिचालकों ने ही नंबरों को ढक दिया है। जिससे कोई भी यात्री शिकायत न कर सके।
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नहीं लगे फर्स्ट एड बाक्स
बसों के अंदर से फर्स्ट एड बाक्स तक गायब हैं। कुछ बसों में बॉक्स हैं भी तो दवाइयां नहीं हैं। आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को बस रुकवाकर मेडिकल स्टोर या क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है।
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रास्ते में कहीं भी खड़ी कर देते हैं बस
रोडवेज बसों में चालक और परिचालक अपनी मनमानी करते हैं। ज्यादा सवारियों के चक्कर में बिना स्टॉपेज स्थानों पर भी बस रोक देते हैं।
जब पैसा पूरा देते हैं, तो असुविधा होने पर शिकायत के लिए उच्चाधिकारियों का नंबर होना चाहिए। - जोनिफर मनी यात्री
बसों में कंडक्टर के खिलाफ ही शिकायतें होती हैं, जिस पर रोडवेज कोई कार्रवाई नहीं करता है। - विमल कुमार, यात्री
रोडवेज बसों में आरएम का नंबर लिखा होना चाहिए, जिससे सीधा उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज करा सकें। - रजऊ राजा, यात्री
रोडवेज में एआरएम का नंबर लिखा होने पर कंडक्टर अपनी मनमानी नहीं करते हैं। - सागर सिंह बुंदेला, यात्री
बसों में सफर करने वाले लोग जो भी शिकायत करते हैं उनका निस्तारण किया जाता है। अगर किसी बस में नंबर नहीं लिखा है तो उसे दिखवाया जाएगा - कमर अली, झांसी डिपो इंचार्ज
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