जनपद में दिल खोलकर बदरा बरसे। सुबह साढ़े ग्यारह बजे के बाद शुरू हुई बारिश दोपहर डेढ़ बजे थमीं। इससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को रिकॉर्ड 50 मिलीमीटर (एमएम) बारिश हुई है। आगे के दिनों में भी वर्षा की संभावना है। यह बारिश फसलों के अमृत बताई जा रही है। किसान खुश हैं और उमस से बेहाल शहर के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों से लोगों, किसानों को अच्छी बारिश की आस थी मगर मानसून में अच्छा पानी न गिरने से मायूसी ही हाथ लग रही थी। बीच-बीच में बारिश होती भी तो फुहार या रिमझिम तक ही सीमित रह जाती। इसके चलते भीषण गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल हो गया। शुक्रवार को शाम से बादल तो खूब छाए रहे लेकिन बारिश बहुत कम हुई। हालांकि, मौसम विभाग ने 30 अगस्त तक हल्की बारिश की संभावना जताई थी मगर शनिवार को झमाझम पानी गिरा। सुबह 11:45 से वर्षा शुरू हुई तो लगातार तेज गति से बारिश होती रही। लगभग दो घंटे तक अच्छा पानी गिरने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश में बच्चों ने भी घरों से बाहर निकलकर खूब मस्ती की। कई लोगों ने बारिश में नहाया भी। शनिवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। आगे के दिनों में भी बारिश जारी रहेगी।
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खेती के लिए अमृत
शनिवार को हुई बारिश खेती के लिए अमृत जैसी है। जो फसलें सूखी नहीं थी और हरी-भरी होने के साथ ही फूल-फली आ रही थीं, उनके लिए पानी गिरना जीवनदान है। बारिश से उरद, मूंग, अरहर के साथ-साथ धान को बहुत फायदा पहुंचेगा। इसके अलावा मूंगफली के लिए भी यह बड़ी राहत है। हालांकि, तिल की फसल के साथ-साथ तेज बारिश से आंशिक नुकसान भी हुआ है।