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कड़ाके की ठंड में जवाब देने लगा दिल, 25 साल के युवक समेत चार की मौत

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झांसी। कड़ाके की ठंड जानलेवा साबित होने लगी है। मंगलवार को 25 साल के युवक समेत चार लोगों की ठंड लगने और हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसके अलावा शीत लहर की वजह से दो लोगों को ब्रेन स्ट्रोक पड़ने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालांकि, न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर छह डिग्री पर पहुंच गया।
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मोंठ के रहने वाले 25 साल के युवक को सीने में दर्द की शिकायत पर परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जांच की तो युवक की ईसीजी रिपोर्ट में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। उसे भर्ती करने की प्रक्रिया चल ही रही थी मगर तब तक उसका दिल जवाब दे गया। इसके अलावा पचवारा का रहने वाले 36 साल के अच्छेलाल पुत्र हरप्रसाद कुशवाहा की भी ठंड लगने पर मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि सोमवार देर रात वो खेत में अन्ना जानवर को भगाने के लिए गए थे। ठंड लग जाने की वजह से उनकी मौत हो गई। सुबह तक जब वो घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। खेत पर ही किसान का शव मिला। वहीं, शहर के रहने वाले शैलू की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। वहां जांच करने के बाद उन्हें एंजियोग्राफी के लिए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया जा रहा था। उससे पहले ही उनकी सांसें थम गईं। इसके अलावा उरई के रहने वाले 50 साल के एक व्यक्ति ने भी सोमवार देर रात हार्ट अटैक से दम तोड़ दिया। बताया कि व्यक्ति को तीसरी बार हार्ट अटैक पड़ा था। इसके अलावा ब्रेन स्ट्रोक पड़ने पर दो मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
खून की नलियां सिकुड़ने से बढ़ता बीपी
मेडिकल कॉलेज के हार्ट स्पेशिलिस्ट डॉ. रजत जैन ने बताया कि ठंड से खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं। इससे बीपी बढ़ने लगता है। वहीं, जो मरीज पहले से ही बीपी का शिकार होते हैं, उन्हें ज्यादा दिक्कत होने लगती है। हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है। लोग रात में ज्यादा खाना खाकर सोते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म (उपापचय) गड़बड़ा जाता है। इससे भी हार्ट, ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। वहीं, हार्ट स्पेशिलिस्ट डॉ. निर्देश जैन ने कहा कि इन दिनों ठंड में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। खासकर बुजुर्ग लोग सुबह मॉर्निंग वॉक करने से बचें। रात में ठंडक में जरूरी न हो तो घर से निकलने से बचें। गुनगुना पानी पीएं।
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ये भी रखे ध्यान
- सुबह मॉर्निंग वॉक न करें।
- हार्ट की दवाएं नियमित खाएं।
- बीपी, डायबिटीज नियंत्रित रखें।
- रात में संतुलित भोजन ही करें।
- ज्यादा तेल, घी, नमक, मीठा न खाएं।
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