झांसी। बीती रात गोली लगने से घायल हुए युवक की रविवार की दोपहर मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक का कुसूर केवल इतना था कि वो एक अच्छे शहरी की तरह सड़क पर लगे जाम को खुलवाने के लिए गाड़ी से उतरकर बाहर आया था। इसी दरम्यान उसका एक बाइक सवार से मामूली विवाद हो गया और उसने उसे अपनी लाइसेेंसी पिस्टल से गोली मार दी। घटना स्थल के इर्दगिर्द के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने हमलावर की पहचान की, जो एक दवा कारोबारी निकला। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
बड़ा बाजार नारियल वाली गली निवासी शिक्षक अनिल मिश्रा का पुत्र मोहित मिश्रा (27) शनिवार की रात अपने दोस्त रवि के साथ कार से जा रहा था। रात तकरीबन साढ़े आठ बजे जीवनशाह तिराहे पर एक बाइक सवार कुछ कार सवारों से उलझ रहा था, जिससे यातायात थमा हुआ था। झगड़ा कर रहे लोगों को समझाकर जाम खुलवाने के लिए मोहित कार से बाहर आया। इसी बीच बाइक सवार उससे उलझ गया। नौबत हाथापाई तक आ चुकी। गुस्से में बाइक सवार ने अपनी कमर से पिस्टल निकालकर मोहित को गोली मार दी और बेखौफ अंदाज में मौके से आसानी से निकल गया था। गंभीर रूप से घायल हुए मोहित को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया था। यहां रविवार की दोपहर उसने दम तोड़ दिया।
वहीं, घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने हमलावर की पहचान मिशन कंपाउंड निवासी अशोक कुमार के पुत्र विनय नायक के रूप में की। विनय दवा कारोबारी है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं।
दो में से एक असलाह किया था जमा
झांसी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विनय नायक के पास दो लाइसेंसी असलाह हैं। इनमें दुनाली बंदूक और पिस्टल है। चुनाव के दरम्यान विनय ने अपनी दुनाली बंदूक जमा कर दी थी, जबकि व्यापारी होने का हवाला देते हुए सुरक्षा के लिहाज से लाइसेंसी पिस्टल वो अपने पास रखे हुए था। इसी पिस्टल से उसने घटना को अंजाम दिया।
पैनल ने किया पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी हुई
झांसी। रविवार की दोपहर मोहित मिश्रा के निधन की सूचना से उसके परिवार व दोस्तों के बीच कोहराम मच गया। भारी संख्या में लोग पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमा हो गए। दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
दो बहनों का था इकलौता भाई
झांसी। मृतक मोहित मिश्रा की दो बहनें हैं। बड़ी की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन के रिश्ते की बात चल रही है। मोहित परिवार में सभी का चहेता था। अपने परिवार और कॅरियर के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार भी था। पढ़ाई पूरी करते ही एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था। आसानी से वो सभी से घुलमिल जाता था, जिससे उसकी दोस्ती का दायरा भी लंबा था।
घटना ने सुरक्षा के दावों की खोली पोल
झांसी। विधानसभा चुनाव की दृष्टि से पुलिस की ओर से सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। यहां तक कि पैरा मिलिट्री फोर्स भी शहर में डेरा डाले हुए हैं। आए दिन पुलिस बल फ्लैग मार्च करता नजर आता है। जगह-जगह वाहनों की जांच भी की जा रही है। बावजूद, सरे राह भीड़भाड़ के बीच एक युवक को गोली मार दी गई और हमलावर हाथ भी नहीं आ पाया। जबकि, चंद कदमों की दूरी पर चौकी और थाना है। इसके अलावा तिराहे पर अक्सर पुलिस चेकिंग करते हुए भी नजर आती है। लेकिन, घटना के वक्त सारे सुरक्षा इंतजाम फेल साबित हो गए।