अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। फेरी वालों को अपना खाद्य लाइसेंस बनवाने के लिए शुल्क अदा नहीं करना होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) की ओर से यह नि:शुल्क जारी किया जाएगा। इसके अलावा नवीनीकरण भी नि:शुल्क होगा। कारोबारी एक बार में पांच साल के लिए अपना लाइसेंस बनवा सकेंगे।
फेरी लगाकर खाद्य सामग्री बेचने वालों को भी अनिवार्य रूप से खाद्य लाइसेंस लेना होता है। जिले में लगभग साढ़े चार सौ लोगों के पास यह लाइसेंस है। अब तक की व्यवस्था के अनुसार कारोबारियों को एक साल का लाइसेंस बनवाने के लिए 100 रुपये फीस अदा करनी होती थी। नवीनीकरण का शुल्क भी 100 रुपये लगता था। लेकिन, अब यह एकदम नि:शुल्क कर दिया गया है। हर साल नवीनीकरण कराने से बचने के लिए कारोबारी एक बार में पांच साल का खाद्य लाइसेंस भी बनवा सकते हैं। इसका भी उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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ढाबे और फुटपाथी दुकानों की होगी जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत 30 दिसंबर तक ढाबे और फुटपाथी खान-पान की दुकानों की जांच की जाएगी। इन दुकानों में खासतौर पर साफ-सफाई की स्थिति जांची जाएगी। कमी पाए जाने पर सुधार का मौका देते हुए नोटिस जारी किया जाएगा। बड़े पैमाने पर कमी सामने आने पर प्रतिष्ठान को बंद करा दिया जाएगा। इस दरम्यान खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जाएंगे।
सभी खाद्य कारोबारियों के लिए लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है। इसके लिए विभाग में आने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन आवेदन करने पर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
- चितरंजन कुमार, सहायक आयुक्त (खाद्य)