झांसी। झांसी में बनने वाले हवाई अड्डे की डिजाइन में परिवर्तन कर दिया गया है। पूर्व में बनाई गई डिजाइन के मुकाबले अब इसका आकार छोटा कर दिया गया है। इससे प्रशासन को अब सिर्फ पंद्रह एकड़ जमीन ही अधिग्रहीत करनी होगी। इससे खर्च तो कम होगा ही, साथ ही निर्माण में समय भी कम लगेगा।
केंद्र सरकार के ‘उड़ान’ प्रोजेक्ट के तहत झांसी में हवाई अड्डा स्थापित किया जाना है। यहां सेना की ग्वालियर मार्ग पर स्थित पुरानी हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाया जाना है। पहले बनाई गई योजना के तहत यहां वर्तमान में 1070 मीटर लंबा रनवे है, जिसका आकार बढ़ाकर 1500 मीटर किया जाना था। आकार बढ़ाए जाने के लिए हवाई पट्टी से सटी सिमरधा गांव की आवासीय व कृषि भूमि के अधिग्रहण की योजना बनाई गई थी।
सिमरधा के ग्रामीणों की ओर से इसका विरोध किया जा रहा था। उनका कहना था कि जमीन अधिग्रहीत किए जाने से वे बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे। लेकिन, नई डिजाइन ग्रामीणों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। हवाई अड्डे का आकार छोटा किया जा रहा है, जिससे अब इसके निर्माण के लिए सिर्फ पंद्रह एकड़ जमीन ही अधिग्रहीत की जाएगी। अब रनवे 1350 मीटर लंबा बनाया जाएगा। हवाई अड्डे का आकार छोटा होने की वजह से सिमरधा की जमीन नहीं ली जाएगी। राजस्व विभाग ने मौके पर नापजोख का काम शुरू कर दिया है।
उड़ेंगे 25 सीटर विमान
झांसी। यहां बनने वाले हवाई अड्डे से अधिकम पच्चीस यात्रियों की क्षमता वाले विमान ही उड़ान भर सकेंगे। रनवे छोटा होने की वजह से बड़े विमान यहां से उड़ान नहीं भर पाएंगे। शुरुआत में लखनऊ के लिए विमान सेवा शुरू की जाएगी। इसके बाद सवारियों की मांग के अनुरूप अन्य स्थानों के लिए हवाई रूट खोला जाएगा।
नहर का होगा अधिग्रहण
झांसी। हवाई अड्डे के विस्तार के लिए पास से गुजरी नहर का अधिग्रहण किया जाएगा। नहर का रूट परिवर्तित नहीं किया जाएगा। बल्कि, ऊपर रनवे रहेगा और नीचे से नहर निकलेगी। इसके अलावा पास की नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की भूमि भी ली जाएगी।
छह माह में हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी
झांसी। नई योजना पर प्रशासन ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। राजस्व विभाग ने जमीन की नापजोख का काम पूरा कर लिया है। डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की भी सहमति है। अनुकूल परिस्थितियों के चलते प्रशासन की आगामी छह माह में नागरिक विमान सेवा शुरू करने की तैयारी है।
हवाई अड्डे की निर्माण की दिशा में तेजी से काम जारी है। आकार में परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे सिर्फ पंद्रह एकड़ जमीन ही अधिग्रहीत की जाएगी। राजस्व विभाग ने नापजोख का काम पूरा कर लिया है। छह माह में नागरिक विमान सेवा शुरू करने की तैयारी है।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी