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ओलावृष्टि ने जमकर मचाई तबाही, खेतों, सड़कों और घरों की छतों पर बिछ गई सफेद चादर, किसानों ने भागकर बचाई जान

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बंगरा क्षेत्र के मगरपुर में पूरी छत ओले से ढकी। - फोटो : DEHAT
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बंगरा/ मऊरानीपुर/ टहरौली/ टोड़ीफतेहपुर/ सकरार/ गरौठा/ गुरसराय/ खिलारा। खिसनी मगरपुर। तीन दिन हुई बारिश के बाद रविवार को सुबह भारी ओलावृष्टि से चना, मटर, सरसों, जौ, गेहूं, आलू आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश से खेतों में पानी भरा है। इससे फसलें खराब हो रही हैं। ओले इतने गिरे की सड़क, लोगों की घरों की छतों और खेतों में सफेद चादर सी बिछ गई। अचानक ओलावृष्टि होने से खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसानों को जान बचाके भागना पड़ा। बड़े - बड़े ओले गिरने से जानवरों ने भी पेड़ों के नीचे और शेड में जाकर रुक गए। छतों में इतने ओले जमा हो गए थे कि लोगों को फावड़े से समेट कर तसलों में भरना पड़ा। मऊरानीपुर एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने भी कई स्थानों पर जाकर खेतों में बिछी फसलों का जायजा लिया।
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अचानक ओलावृष्टि से ग्रामीण क्षेत्रों में अफरातफरी का माहौल रहा। हाईवे पर दोपहिया और साइकिलों के साथ पैदल चलने वालों को भी रुककर जान बचानी पड़ी। तेजी से ओले गिरने की वजह से वाहन चालकों ने भी अपनी गाड़ियां रोक दीं। विकासखंड बंगरा में 100 से अधिक ग्रामों में ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। रविवार को सुबह के समय मौसम साफ था लेकिन नौ बजे सुबह ओले गिरने लगे। ओले सिर पर गिरने से कई किसान चोटहिल हो गए। खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछी रही। क्षेत्र में सौ ग्राम तक के ओले गिरे।
किसानों की रबी की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। किसानों की चना, मटर, गेहूं, सरसों, जौ, आलू की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। खेतों में हरी भरी फसल लहलहा रही थी। अब खेतों में ही बिछ गई है। फसल पूरी तरह से गिर पड़ी है। ओलों
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की वजह से कट चुकी है। सब्जियों की फसल भी तहस नहस हो गई है। मिर्च, टमाटर, धनियां को भारी नुकसान हो गया है। पपीते की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। बारिश और ओले गिरने से किसान सदमे में हैं। किसान संगठन के नेताओं सहित कई राजनीतिक दलों के लोग भी फसल खराब होने का जायजा लेने पहुंचे।
शिवनारायण सिंह परिहार, भगवानदास कोरी, भारतीय किसान यूनियन के अखिलेश लिटौरिया, कुलदीप बबेले, राजाराम राजपूत, परमेश्वरी दयाल, शंकर दयाल तिवारी, रविंद्र कुमार बाजपेयी, सुभाष सोनकिया, अलख प्रकाश सोनकिया ने बताया कि नब्बे फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों को जल्द आर्थिक मदद दिलाने की मांग की।
उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने मौके पर जाकर किसानों का हाल जाना। उपजिलाधिकारी ने लेखपाल की टीम के साथ प्रत्येक गांवों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने मौके पर जाकर कई गावों का भ्रमण किया। किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उपजिलाधिकारी ने बंगरा के खिसनी बुजुर्ग, खिसनी खुर्द, सकरार, लुहारी सहित कई ग्रामों का मौके परजाकर जायजा लिया। किसानों, प्रधानों ने उपजिलाधिकारी से मुआवजा दिलवाने की मांग की।
मऊरानीपुर क्षेत्र में बारिश के बाद ओलावृष्टि ने तबाही मचाई। ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई है। क्षेत्र के ग्राम लहचूरा, दुर्गापुर, सप्तवारा, स्यावरी, बम्हौरी, बरौरी, कंजा चितावत, रूपाधमना, बुढ़िया, बिजरवारा, लारोनी समेत कई दर्जन गांव में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि ने तो किसानों की हालत खराब कर दी है। शनिवार की रात को ग्राम लारोनी में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्राम लारोनी निवासी पवन ने बताया कि उनके गांव में शनिवार की रात हुई ओलावृष्टि ने फसलों को बहुत नुकसान पहुँचाया है। रात में आठ बजकर चालीस मिनट पर शुरू हुई ओलावृष्टि ने कुछ ही मिनटों में मटर, मसूर, चना व लाहा की फसल को भारी नुकसान पहुँचाया है। बारिश के कारण किसानों के खेत पानी से भर गए हैं जिससे फसलों के सड़ने की आशंका पैदा हो गई है।
ओले गिरने से छान-छप्पर भी हुए ध्वस्त
खिसनी मगरपुर। क्षेत्र के गांवों में बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हुई हैं। मकानों के छान-छप्पर ध्वस्त हो गए। पूर्व ग्राम प्रधान प्रमोद दुबे, ग्राम प्रधान खिसनी बुजुर्ग हरिहर प्रताप सिंह, खिसनी खुर्दप्रधान आर्यन प्रताप सिंह, मगरपूर प्रधान परशुराम, ने जिलाधिकारी समेत उच्च अधिकारियों से फसल के नुकसान का मुआवजा दिलवाने की मांग की। इस मौके पर मोहनलाल मिश्रा, कमलेश दुबे, पूर्व प्रधान भास्कर देव तिवारी, ओम प्रकाश समेले, अरविंद सिंह खिसनी, राजनेश लंबरदार, सोनू सभापति, रमेश दाऊ, राजू तिवारी लंबरदार, कालका प्रसाद दुबे आदि ने कहा कि फसल खराब होने से अब किसानों के पास कुछ बचा नहीं है। इसलिए जल्द किसानों को मुआवजा दिया जाए।
बंगरा के इन गांवों में हुई ओलावृष्टि
बंगरा सहित सेकरा, पलरा, पचबारा, गेराहा, रजपुरा, चौकरी, उल्दन, इमिलिया, सिजारा, सतपुरा, अमनपुरा, दादपुरा, धबारी, बिजना, नोटा, खजराह, बांसार, विजयगढ़, राजगिर, बगरौनी, लठैसरा, कुईया, निमौनी, बगरौनी, टिकरी, रतौसा, चिरकना, सेवारा, मगरवारा, कचनेव, हांसपुरा, भटा, नगाइच, कगर, पठगुआं, कटेरा, पड़रा, तेजपुरा, धनाई, भिटौरा, सिलगुवां, लुहरगाव, लुहारी, सकरार, जावन, मगरपुर, खिसनी खुर्द, खिसनी बुजुर्ग, अड़जार, रमपुरा, ढोडा सहित दर्जनों गांवों में ओलावृष्टि हुई है।
सकरार क्षेत्र में भी फसलों को भारी नुकसान
सकरार/लुहारी। सकरार क्षेत्र में भी हल्की बूंदाबांदी के साथ ओले गिरे। ग्राम ढोंड़ा, सिजोरा, बमननैगुवा, लुहारी जावन, संतपुर में ज्यादा ओले गिरे। ललित सिंह, संजय सिंह चौहान ने बताया कि मटर, चना, सरसों एवं गेहूं की फसलें ओलों की वजह से खेतों में नष्ट हो गई हैं। नैगुंवा के राजीव तिवारी व पुष्पेंद्र ने बताया ओले गिरने से पेड़ों के पत्ते टूट कर गिरे। लुहारी के कृपाल सिंह, डालचंद श्रीवास ने बताया कि फसलें नष्ट होने से आगे जानवरों को खिलाने की समस्या होगी। गोपी शंकर राय, भज्जू राय, बाबू राय आदि ने गमछे में ोले दिखाते हुए फसल बर्बादी का दुखड़ा सुनाया। लेखपाल कृपाराम व आर आई बालादीन ने खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 80 से 100 फीसदी तक फसल नष्ट हुई है जिसकी रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाएगी। इस अवसर पर संजय सिंह चौहान, ललित सिंह चौहान, राकेश सेन, कल्याण कुशवाहा, रूप सिंह परिहार, नेपाल सिंह, बंटी जादौन, राज बहादुर सिंह, जय सिंह सिसोदिया, सियाराम कुशवाहा, सानू चौहान, भानु प्रताप सिंह, गोपी राय ने आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
ग्राम लुहारी में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ। धनीराम कुशवाहा, घमंडी माते, राधेलाल, जगदीश पांचाल, लालाराम पांचाल, दीवाल कुशवाहा, हरि बंशकार, सुधीर वर्मा, चेतराम श्रीवास, अरविंद श्रीवास, महेंद्र कुमार, मनोहर अहिरवार,
प्रकाश नारायण, उदयराम, तुलसीराम सेन आदि लोगों ने शासन से मुआवजा राशि देने की मांग की।
गुरसराय में भी नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ी
गुरसराय। ओलावृष्टि के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई। ग्राम भसनेह, बछेह, छिरौरा, मड़पुरा, अजनेरी, सुट्टा, अस्ता, सिंगार, गढ़बई, लौंड़ी, भड़ोकर, अड़जरा, गुरसराय, आमली, रानापुरा सहित कई मौजा ओलावृष्टि की चपेट में आ गए। तीन दिनों से बारिश के चलते खेतों में भी पानी भरा है। किसान जलभराव के चलते खेतों में नहीं घुस पा रहे हैं। ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के चलते किसान काफी चिंतित दिखाई दे रहा है। चना, मटर, मसूर और सरसों की फसलों में 30 से लेकर 40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान छिरौरा, मड़पुरा, अजनेरी, सुट्टा, सिंगार, अस्ता के किसानों को हुआ है।
ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में भरा पानी
गरौठा। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान हो गया। रविवार की सुबह गरौठा तहसील के ग्राम धनौरा, दशनेश्वर, कुरैठा, गरौठा, सिमरधा, मारकुंआ, गुढ़ा, खेरी, खडौरा, पुछी, एवनी, बंगरा, पसौरा, निमगहना, मढ़ा, गोहना, बिरौना, चद्रंपुरा, बिजौरा, हैबतपुरा, नुनार चौकरी, शीला, बीरपुरा, भदरवारा खुर्द, लखावती सहित तहसील के तमाम गांवों मे बारिश के साथ हुई हल्की ओलावृष्टि से फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। गुढ़ा ग्राम प्रधान चंद्रभान सिंह परमार, खडौरा प्रधान मनोज यादव, इमलौटा प्रधान सूर्यांश दबे, सौनकपुरा प्रधान सोनू राय, बंगरा प्रधान रामनरेश यादव, मढ़ा ग्राम प्रधान मोहन सिंह राजपूत ने बताया कि बारिश होने से फसलें वैसे ही पीली पड़ रही हैं। रविवार की सुबह बारिश के साथ हुई हल्की ओलावृष्टि से मटर, चना, मसूर, लाही के साथ गेहूं की फसलें खराब हो गईं।
टोड़ीफतेहपुर में भी खेत में गेहूं की फसल बिछी
टोड़ीफतेहपुर। क्षेत्र के लखवारा, डाबर, राजापुर, बेला, बसारी, धवारी, पांडवाहा, वीर सिंह पुरा, तुर्का, लहचूरा बुजुर्ग, बेरवई, रजवारा विक्रम पुरा, कर्री सिजवा, सेमरी, टोड़ीफतेहपुर, बांध मदर्वास आदि गांवों में ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। साहूकारों से कर्ज लेकर फसल बोने वाले किसान परेशान हैं। बड़ी मात्रा में गिरे ओलों से खेतों में सफेद चादर बिछ गई। किसानों ने बताया कि कई गांवों में ओले गिरने से फसलें बर्बाद हो गईं। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। चना, मटर और मसूर खेतों में बिखर गए। पहले सूखा ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। अब ओलावृष्टि फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों के सामने भूखे मरने की स्थिति आ गई है।
फसलों चौपट होने से किसान सदमे में
टहरौली। ओलावृष्टि से किसानों की फसल चौपट हो गई जिससे कई किसान सदमे में आ गए। तहसील क्षेत्र के टहरौली किला, टहरौली खास, बमनुआं, ताई जागीर, रौरा, बकायन, बिजना, नौटा, हाटी, ढुरबई, तेंदुआ, पसराई, गाता, बेरबई, खोह, चंदवारी, गढीकर गांव, घुरैया, मैंगाव, बसारी, बघैरा, लोंडी, सिलोरी, बिजना, खजराहा, मढ़ा डिलावली, अतरसुआं आदि गांवों में ओलावृष्टि होने से फसल बर्बाद हो गई है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। आशीष उपाध्याय ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को देकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
कई गांवों की बिजली आपूर्ति भी हुई प्रभावित
भदरवारा। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से किसानों के खेतों में बोई गई मटर, मसूर, चना और लाहा की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। रविवार की सुबह गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। कई ग्रामों में ओलावृष्टि होने एवं खेतों में पानी भरने के कारण फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बारिश होने से कई ग्रामों की बिजली भी प्रभावित हो गई है। भदरवारा, बुखारा, बड़ागांव, खरका माफ और सितौरा के जय प्रकाश शर्मा, संतोष सावरिकर, रविंद्र सावरीकर, बृज गोपाल गुप्ता, नरेंद्र चौबे, राजेंद्र कुमार शर्मा, जय नारायण कौशिक, जगदेव शर्मा, सुधीर गंगेले, आदित्य नारायण कौशिक, धर्मेंद्र शर्मा, ज्ञानेंद्र शर्मा, सिद्धाराम पटेरिया, प्यारे लाल अहिरवार, रघुवीर प्रसाद अहिरवार, नंदराम कुशवाहा, उमेश खरे, कैलाश
चतुर्वेदी, नरेश कुशवाहा आदि ने तहसील प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
महिलाओं ने खेत पर प्रदर्शन कर मांगा मुआवजा
बंगरा। ग्राम पंचायत मगरपुर में महिलाओं ने खेतों में जाकर फसलों की हुई बर्बादी को देखकर सरकार से जल्द आर्थिक मदद की मांग की है। हेमलता अहिरवार समेत कई महिलाओं ने बताया कि उनकी गेहूं सहित मटर, चना, सरसों की फसल तबाह हो गई है। महिलाओं का कहना है कि अगर जल्द मुआवजा नहीं मिलता है तो पलायन की स्थिति बन सकती है। महिलाओं ने खेतों में जाकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर मानकुंवर अहिरवार, आंनद अहिरवार, महेंद्र, जीतू प्रजापति, जशोदा, सरस्वती देवी, रेखा देवी, गनेशी, मुन्नालाल पाल, सीताराम बरार, बल्ली पाल ने उपजिलाधिकारी से फसल मुआवजा की मांग की है।

ग्राम बम्हौरी की ओलावृष्टि- फोटो : DEHAT

ओलावृष्टि से बर्बाद हुई किसानों की फसल- फोटो : DEHAT

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