संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दवा दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई। मिश्रित दवाओं की जांच की गई। मेडिकल स्टोरों पर ऐसी दवाएं तो नहीं मिलीं, लेकिन संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए गए।
अमर उजाला ने 15 दिसंबर के अंक में पेज दो पर इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद औषधि निरीक्षक ने अभियान चलाया। सरकार ने इस साल 156 मिश्रित दवाओं पर रोक लगाई है, इन दवाओं के इस्तेमाल से मरीजों को खतरा था। कंपनियों ने सरकारी फरमान के बाद इन दवाओं का निर्माण तो बंद कर दिया, लेकिन नए कांबिनेशन बाजार में उपलब्ध हो गए हैं।
कंपनियां पुराना स्टॉक निकालने में लगी हैं। कुछ कंपनियों ने बाजार से अपना स्टॉक वापस मंगा लिया है। शहर की नौ दुकानों पर जांच की गई। टीम ने 18 दवाओं के नमूने लिए, जिसमें एंटीबॉयोटिक व दर्द निवारक दवाएं शामिल हैं।
शहर में नौ दुकानों पर जांच की है, यहां प्रतिबंधित दवाएं प्राप्त नहीं हुईं। 18 दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा है। ग्राहकों से अनुरोध है कि वह जो दवा खरीदें, उसका बिल जरूर लें, जिससे दवा संबंधी किसी प्रकार की शिकायत करने पर उनके पास बिल के रूप में साक्ष्य उपलब्ध हो।
विनय कुमार मिश्रा, औषधि निरीक्षक।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद