ललितपुर। ग्रेनाइट की खदानें बंद होने से बेरोजगार हुए मजदूरों व महानगरों से लौटे प्रवासियों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में बीते आठ वर्षों से बंद पड़ी पंद्रह में से बारह ग्रेनाइट की खदानों के खनन कार्य पर लगी रोक हटा ली गई है। शुक्रवार से जिले में एक दर्जन खदानों पर खनन कार्य शुरू हो गया है। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
जिले में ग्रेनाइट की 25 खदानों के पट्टे थे, इनमें से पंद्रह न्यायालय के आदेश पर बंद कर दी गईं थीं। खदानें बंद होने से लगभग आठ हजार मजदूर बेरोजगार हो गए थे। ये पलायन कर काम की तलाश में महानगरों में चले गए थे। वर्तमान में केवल दस ग्रेनाइट की खदानें संचालित हो रही थीं। यहां की ग्रेनाइट की खदानों का पत्थर चीन व हांगकांग समेत कई देशों में जाता था। इससे विदेशी करेंसी भी देश में आती थी।
आठ वर्ष बाद न्यायालय ने प्रदेश सरकार को ललितपुर जिले की बंद पड़ी 15 खदानों में से 12 खदानों को संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इस पर शासन के निर्देश पर जिले की ग्रेनाइट की खदानों पर खनन कार्य शुरू हो गया है। यह बेरोजगार हो चुके मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। एक दर्जन खदानों पर खनन शुरु होने से खदानों के आसपास के क्षेत्र में बेरोजगारी का संकट दूर हो जाएगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलने से लोगों को रोजगार मिलेगा। इन खदानों का संचालन होने से खनिज विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होगी। वर्तमान में दस खदानों से विभाग को लगभग एक करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हो रही है, जो बढ़कर तीन करोड़ के आसपास तक पहुंच जाएगी।
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मजदूरों के लिए यह फैसला संजीवनी साबित होगा
जनपद में हमेशा से ही रोजगार का संकट बना हुआ है। यहां पर न तो कोई बड़े उद्योग हैं, और न ही फैक्ट्री। ऐसे में गरीब तबके के लोगों को रोजगार के लिए बाहर महानगरों की ओर पलायन कर परिवार का भरण पोषण करना पड़ता है। अभी हाल में देश में फैली वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था जिससे महानगरों व अन्य प्रदेशों की फैैक्ट्रियों को बंद कर दिया गया। ऐसे में आर्थिक रुप से परेशान मजदूरों ने अपने गांव घरों की ओर पलायन किया। जिले में लगभग पंद्रह हजार से अधिक मजदूर बाहर से आए, इस दौरान रास्ते में हुई परेशानी के चलते अब उन्होंने कभी भी बाहर न जाने की कसम खा ली है, ऐसे में ग्रेनाइट खदानों पर लगी रोक उनके लिए संजीवनी साबित होगी।
न्यायालय में दायर याचिका में माना गया है कि यह ग्रेनाइट की खदानें नदी तट को प्रभावित नहीं कर रही हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले में ग्रेनाइट की खदानों को शुुरु कराया जा रहा है। जिले की बंद पड़ी एक दर्जन खदानों के चालू होने से लगभग पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, साथ ही खनिज विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
अनिल कुमार मिश्र
अपर जिलाधिकारी / प्रभारी अधिकारी खनिज विभाग
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जिले में बीते लगभग आठ वर्षों से ग्रेनाइट की खदानें बंद पड़ी थीं, जिन्हें शासन के निर्देश पर चालू करा दिया गया है।
- नवीन कुमार दास
क्षेत्रीय/ जिला खान अधिकारी