ढाई घंटे तक घर में रोना पिटना मचा रहा
परिवार वाले रोने लगे। मोहल्ले के लोग घर में जमा हो गए। परिजनों ने उनको मृत मानकर विस्तर से नीचे उतारकर जमीन पर लेटा दिया। उनके पास बैठकर महिलाएं रोने-बिलखने लगीं। सिर के पास अगरबत्ती एवं धूप भी जला दिया गया। उनका भतीजे एवं मैक्स लाइफ कंपनी में गार्ड संतोष वर्मा का कहना है कि करीब ढाई घंटे तक घर में रोना-पिटना मचा रहा।
गंगाजल शरीर पर छिड़कते ही लौटी सांस
उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी। डेढ़ बजे दोपह उनके छोटे बेटे राम किशन ने जैसे ही गंगाजल शरीर पर छिड़का, उनकी सांस लौट आई। कुछ देर वाद हो वह होश में आ गईं। हालांकि माया देवी का कहना है कि वह इतनी देर तक सोती रही, इसका उनको पता नहीं। मोहल्ले के लोगों में भी यह बात फैल गई।
कभी-कभी मरीज न्यूरोमैटिक शॉक में चला जाता है। इसमें आदमी बिल्कुल मृत प्राय हो जाता है, लेकिन हार्ट धीमे-धीमे धड़कता रहता है। अचानक से कोई क्रिया-प्रतिक्रिया होने पर न्यूरोमैटिक शॉक टूट जाता है। उसके बाद उसे होश आ जाता है। - डॉ. जकी सिद्दिकी, वरिष्ठ फिजिशयन महारानी लक्ष्मीवाई मेडिकल कॉलेज