झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सरकार सुविधाएं बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ ओपीडी और भर्ती मरीजों की संख्या घटती जा रही है। मेडिकल कॉलेज के इन आंकड़ों से शासन ने सख्त नाराजगी जताई है। साफ कह दिया है कि हालात नहीं सुधरे तो बड़े डॉक्टरों पर गाज गिरनी तय है।
शासन ने मेडिकल कॉलेज में ओपीडी और आईपीडी में आने वाले मरीजों के रिकॉर्ड की समीक्षा की। इस दौरान पता चला कि पिछले पांच सालों में कॉलेज के अधिकतर विभागों की ओपीडी में मरीजों का ग्राफ घट रहा है। यही नहीं, भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी लगातार गिरावट आ रही है। जबकि, जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ नई-नई बीमारियां भी हो रही हैं। इससे स्पष्ट है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को अच्छी सुविधा नहीं मिल रही है। इसलिए या तो रोगी प्राइवेट अस्पताल जा रहे हैं या फिर दूसरे शहर। वहीं, हाल में ही सरकार ने कॉलेज में 150 करोड़ से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाया है। 2017 के बाद से दवाओं के बजट में भी छह गुना का इजाफा हुआ है। कई डॉक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं। आधुनिक मशीनें भी आई हैं। इसके बावजूद मरीजों की संख्या में गिरावट से शासन भी चिंतित है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अफसरों ने कॉलेज प्रशासन से नाराजगी जाते हुए साफ तौर पर निर्देश दे दिए हैं कि या तो हालात सुधारें, वरना वरिष्ठ डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएसआर फंड से भी कराएं काम
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में छोटे-मोटे कामों को कंपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड से कराएं। इसके अलावा सरकार योजनाएं जैसे आयुष्मान भारत के अधिक से अधिक लाभार्थियों को मेडिकल कॉलेज में ही लाभ दें। फिर शासन से मिलने वाले अंशदान से कॉलेज में बजट की कमी नहीं पड़ेगी।
ओपीडी में पिछले पांच सालों में आया अंतर
विभाग वर्ष 2017 वर्ष 2021
डेंटल 8752 3852
ईएनटी 38962 19476
मेडिसिन 96346 60771
गायनी 25500 11800
नेत्र 38026 15075
ऑर्थोपेडिक 41251 20532
पीडियाट्रिक 29894 11171
स्किन 67179 26172
सर्जरी 52462 25030
टीबी-चेस्ट 15020 1239
पेन क्लीनिक 1170 227
मानसिक 16150 5718
रेडियोथेरेपी 1880 577
आईपीडी में ये आया बदलाव
विभाग वर्ष 2017 वर्ष 2021
ईएनटी 1050 628
मेडिसिन 9271 10191
गायनी 6023 3535
नेत्र 1655 834
ऑर्थोपेडिक 2689 1549
पीडियाट्रिक 3854 3088
साइक्रेटिक 277 7
रेडियोथेरेपी 467 346
स्किन 343 4
सर्जरी 7272 3345
टीबी 762 390
शासन की समीक्षा में कई विभागों में ओपीडी, आईपीडी में रोगियों की संख्या में कमी मिली है। इसके पीछे की वजह कोरोना काल भी है। हालांकि, सभी विभागाध्यक्षों को इसमें सुधार के निर्देश दिए हैं। जल्द स्थिति ठीक हो जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।