फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी बैंकों ने नहीं बनाए 16 हजार केसीसी

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। आसानी से किसान क्रेडिट कॉर्ड (केसीसी) कॉर्ड बनाने जाने के सरकारी दावों की बखिया खुद सरकारी बैंक ही उड़ा रहे हैं। पीएनबी, सेंट्रल बैंक, एसबीआई जैसे तमाम बड़े बैंक भी इसे बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते। लिहाजा, बड़ी संख्या में किसान बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बैंकों की लापरवाही से झांसी में करीब 16 हजार किसानों को अब तक केसीसी कार्ड नहीं मिल सका है।
विज्ञापन

साहूकारों को कर्ज के चंगुल से बचाने की खातिर सरकार ज्यादा से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर जोर दे रही लेकिन, जोखिम भरा मानकर बैंक इनको बनाने से कतराते हैं। सरकारी बैंक भी इसमें सबसे आगे हैं। पिछले माह के अंतिम आकड़ों के मुताबिक सबसे धीमी रफ्तार पंजाब नेशनल बैंक की रही। उसकी 21 शाखाओं में कुल 10678 किसानों ने आवेदन किया लेकिन, बैंक ने सिर्फ 3962 केसीसी बनाए। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 3566 में सिर्फ 1995 आवेदन ही
स्वीकृत किए लेकिन सिर्फ 616 केसीसी ही जारी किए। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 1622 केसीसी बनाने थे उसने 470 केसीसी जारी करके पल्ला झाड़ रखा है। बैंक ऑफ बड़ौदा भी सिर्फ 114 केसीसी ही जारी कर सका जबकि उसे पांच सौ से अधिक कार्ड जारी करने थे। ग्रामीणों के लिए खास तौर से बने बैंकों का हाल उनसे भी बुरा है। सर्वयूपी ग्रामीण बैंक ने 3946 किसानों को पात्र पाया लेकिन, पूरे साल बीत जाने के बाद भी उसने सिर्फ 912 केसीसी ही जारी किए। 3034 किसान अभी भी केसीसी की आस में बैठे हैं। पूरे झांसी में 22097 किसानों ने इस वर्ष के लिए केसीसी का आवेदन किया लेकिन, सिर्फ 6305 किसानों को इसका लाभ मिल सका। समय पर केसीसी न बन पाने से किसानों को खाद एवं बीज आदि लेने में परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, जिला कृषि अधिकारी कमलेश सिंह के मुताबिक संख्या में इजाफा हुआ है। बैंकों को लगातार पत्र भेजकर केसीसी बनाने के काम में तेजी लाने के लिए कहा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें