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गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों में नहीं मिल रही सीट, वेटिंग का टिकट नहीं हो रहा कंफर्म

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झांसी। लखनऊ व गोरखपुर की तरफ जाने वालीं ट्रेनों में त्योहार की भीड़ शुरू हो गई है। हालत यह है कि दस के बाद की वेटिंग तक कंफर्म नहीं हो रही है। चूंकि, ट्रेन में सिर्फ कंफर्म टिकट के मुसाफिरों को जाने की अनुमति दी जा रही है। इस समस्या के कारण प्रतिदिन 200 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ रही है।
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कोरोना काल में रेलवे ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चला रहा है। इन ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। इस कारण यात्रियों को अपनी सुविधा अनुसार आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। यात्रियों ने करवाचौथ, दीपावली और छठ पूजा के लिए अपने घर लौटना शुरू कर दिया है। स्थिति यह है कि कानपुर रूट से लखनऊ और गोरखपुर की तरफ जाने वालीं ट्रेनों में वेटिंग तक कंफर्म नहीं हो रही है।
इनमें 02522 राप्ती सागर एक्सप्रेस, 02592 गोरखपुर एक्सप्रेस, 02590 गोरखपुर एक्सप्रेस, 12107 लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 12143 लोकमान्य तिलक सुलतानपुर एक्सप्रेस, 02592 यशवंतपुर गोरखपुर एक्सप्रेस, 01015 लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, 09165 अहमदाबाद दरभंगा साबरमती एक्सप्रेस, 02534 मुंबई लखनऊ पुष्पक एक्सप्रेस, 09167 अहमदाबाद वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस, 05068 बांद्रा गोरखपुर स्पेशल एक्सप्रेस, 05066 पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी मेल में मारामारी है।
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इसी तरह पुणे, बंगलूरू और मुंबई से आने वाली झेलम एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, राजधानी एक्सप्रेस, कर्नाटका एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस समेत 50 ट्रेनों में गिनी-चुनी सीटें ही बची हैं।
फेस्टिवल एक्सप्रेस के नाम पर वसूला जा रहा दोगुना किराया
झांसी। रेलवे कई ट्रेनों को फेस्टिवल स्पेशल बनाकर यात्रियों से दोगुना तक किराया वसूल कर रहा है। इसको लेकर आरक्षण खिड़कियों पर यात्रियों का कर्मचारियों से झगड़ा तक हो रहा है।
कानपुर निवासी अशरफ झांसी में काम करते हैं। विगत आठ अक्तूबर को वह 01803 झांसी लखनऊ इंटरसिटी से कानपुर गए। तब उनका सामान्य कोच का किराया 100 रुपये लगा। नौ अक्तूबर को वह कानपुर से झांसी 02591 गोरखपुर यशवंतपुर एक्सप्रेस से वापस आए तो स्लीपर कोच का किराया 200 रुपये लगा। अब वह दोबारा 22 अक्तूबर को इंटरसिटी से कानपुर जा रहे हैं। वापसी में उन्होंने 02511 फेस्टिवल राप्ती सागर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में टिकट बनवाया। इस बार उनका टिकट 415 रुपये का बना है। इस बात को लेकर उनका आरक्षण कर्मी से झगड़ा हो गया। इस पर आरक्षण कर्मी ने कहा कि किराया निर्धारित करना उनके हाथ में नहीं है। उदास होकर वह वापस लौट आए। दरअसल, रेलवे तमाम ट्रेनों को फेस्टिवल स्पेशल बनाकर चला रहा है। इन ट्रेनों में मुसाफिरों से दोगुना तक किराया वसूल किया जा रहा है।
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