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घर से स्कूल तक कितना कुछ सहती हैं बेटियां... एक बार पूछ लीजिए, कलेजा कांप उठेगा

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झांसी। घर से स्कूल तक बेटियों को कितना सहना पड़ता है, एक बार पूछ लें तो कलेजा कांप उठेगा। आए दिन स्कूल जाने के दौरान बेटियां गली-मुहल्लों और राह चलते शोहदों, मनचलों द्वारा की जाने वाली छेड़छाड़, छींटाकशी का शिकार होती हैं। यहां तक कि 15 साल की किशोरी को 50 साल के व्यक्ति की गंदी हरकतें, अश्लील इशारे तक झेलने पड़ते हैं। कई तो आवाज ही नहीं उठा पातीं और अंदर ही अंदर घुटती रहती हैं। अमर उजाला ने अलग-अलग स्कूलों की शिक्षिकाओं से बात की तो इस तरह के कई मामले सामने आए। पेश है रिपोर्ट।
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केस-1
वो भागते-भागते टीचर के पास आई और बोली, एक आदमी मेरा पीछा कर रहा है
झांसी। राजेंद्र प्रसाद इंटर कॉलेज में वह पढ़ती थी। उसने अपने साथ होने वाली घटना को स्कूल की टीचर से बताया। छात्रा का कहना था कि वह जब घर से स्कूल के लिए निकलती है तो एक व्यक्ति उसका पीछा करता है। कभी बाइक लेकर आ जाता है तो कभी कार लेकर। स्कूल के गेट तक आ गया था। शिक्षिका संध्या शुक्ला ने बताया कि एक दिन छात्रा भागते हुए मेरे पास आई थी। उसने कहा कि एक व्यक्ति बाहर खड़ा है और परेशान करता है। तब तक वह बाहर गईं वह वहां नहीं था। छात्रा बुरी तरह से डरी हुई थी। हम सब लोगों ने उसकी हिम्मत बंधाई। बाद में उसी छात्रा ने पीछा करने वाले शख्स को रोक लिया और जमकर लताड़ लगाई। उसके बाद वह कभी नजर नहीं आया। शिक्षिका ने बताया कि वह छात्राओं को इसके लिए जागरूक करते रहते हैं कि किसी भी ज्यादती को सहा न जाए। तत्काल परिवार वालों से और स्कूल की शिक्षिकाओं से शेयर करें, ताकि आरोपी को सजा दिलाई जा सके।
केस-2
पिता के उम्र का व्यक्ति करता था परेशान, छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया था
झांसी। शहर के एक गर्ल्स कालेज में हाईस्कूल की छात्रा को 50 साल का व्यक्ति स्कूल आते वक्त परेशान करता था। रास्ते में उसे रोककर खड़ा हो जाता है। इससे छात्रा इतना डर गई कि स्कूल जाना बंद कर दिया। शिक्षिकाओं ने छात्रा से कई बार उसकी परेशानी की वजह पूछी लेकिन हर बार वह टालती रही। एक दिन शिक्षिका ने उसे अकेले में बुलाया। काफी देर तक बात की और कहा कि कोई भी समस्या है तो बताए। वह खुद उसकी परेशानी को दूर करने में मदद करेंगी। इसके बाद छात्रा फफक-फफक कर रो पड़ी। छात्रा ने बताया कि उसके पिता की उम्र का व्यक्ति पीछा करता है। वह गली से स्कूल तक आता है। इससे वह बहुत डरी हुई है। शिक्षिकाओं ने पुलिस की मदद ली और कार्रवाई हुई। लेकिन इस बीच छात्रा का एक साल बरबाद हो गया था। अब वह दोबारा से पढ़ाई शुरू कर रही है।
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केस-3
जानने वाले की छेड़छाड़ से परेशान थी छात्रा, शिक्षिका ने परिजन को बुला निकाला हल
लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा जान-पहचान वाले युवक की छेड़छाड़ से परेशान हो चुकी थी। क्लास में आने के बाद वह गुमसुम रहती थी। उसका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था और नंबर भी खराब आने लगे थे। इस बीच प्रधानाचार्य अर्चना सिंह को लगा कि छात्रा परेशान है। उन्होंने छात्रा से बात की और उसकी समस्या जानने का प्रयास किया। पहले तो छात्रा कुछ भी बताने को तैयार नहीं थी लेकिन बाद में उसने सारी समस्या प्रधानाचार्य को बताई। प्रधानाचार्य ने तत्काल छात्रा के परिजनों को बुलाया और उन्हें पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने उस युवक के खिलाफ कार्रवाई कराई। अब छात्रा पूरी तरह से ठीक है। पढ़ाई में भी उसका प्रदर्शन शानदार है। प्रधानाचार्य ने कहा कि किसी को भी कोई समस्या है तो जरूर बताए। छुपाने से समस्या बढ़ती है। वह हमेशा छात्राओं की मदद के लिए तैयार रहती हैं।
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