झांसी। विशेष न्यायाधीश (एमपी /एमएलए) /अपर सत्र न्यायाधीश विकास नागर की अदालत ने धरना - प्रदर्शन कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के मुकदमे में गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
गरौठा थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने छह नवंबर 2012 को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि तहसील प्रांगण में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चल रहे तहसील दिवस में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जवाहर लाल राजपूत 15-20 लोगों के साथ पहुंच गए थे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए थे। समझाने के बाद में वे धरने पर बैठे रहे थे, जबकि उन्होंने प्रदर्शन की किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति भी नहीं ली थी। प्रभारी निरीक्षक ने भाजपा नेता पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया था।
अधिवक्ता कुमार वैभव तिवारी ने बताया कि इस मामले की पूरी सुनवाई के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए विधायक को दोषमुक्त कर दिया।