ललितपुर। थाना पाली के अंतर्गत ग्राम बंट में नौरता खेलने के बाद तालाब में नहाने गईं एक किशोरी और एक बालिका की पानी में डूबने से मौत से एक साथ दो अर्थियां निकलीं, जिससे गांव में मातम पसर गया।
ग्राम बंट निवासी नैंसी (16) पुत्री बृषभान निरंजन व आस्था (11) पुत्री राजीव कुमार रावत को नौरता के समापन के बाद दोपहर में गांव के बाहर तालाब में सहेलियों के साथ नहाने गई थीं, लेकिन दोनों तालाब में डूब गईं। सहेलियों द्वारा जानकारी देने के बाद ग्रामीण तालाब पर पहुंचे। दोनों को तालाब से अचेतावस्था में बाहर निकाला गया। आनन - फानन में उन्हें जिला अस्पताल के लिए उपचार को ले जाया गया। लेकिन, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों ने नवरात्र में नौ दिन तक देवी मां की उपासना की और अधिकांश लोगों ने व्रत रखे। गांवों में अभी भी नौरता खेलने की परंपरा है। इसी परंपरा के निर्वाह के लिए लड़कियां नौरता के बाद तालाब में स्नान करती हैें। इसके बाद उनका व्रत पूरा हो जाता है। इसी के लिए लड़कियां तालाब में नहाने के लिए गई थीं। परिजन उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनकी मौत की खबर पहुंची। इससे गांव में मातम पसर गया। लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि दो बेटियों की मौत हो गई।
एक साथ दो लड़कियों की मौत की सूचना पर थाना पाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। जिला अस्पताल से मेमो मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इस पर पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग के निर्देश पर पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद दोनों के शवों को परिजनों को सौंप दिया। मृतका आस्था के चाचा संजीव रावत ने बताया कि आस्था कक्षा छठवीं में पढ़ती थी और वह दो बहनों में छोटी थी। वहीं नैंसी ने कक्षा दसवीं की परीक्षा पास की थी। वह तीन बहनों व एक भाई में तीसरे नंबर की थी।
ललितपुर से ग्राम बंट पहुंचे दोनों बेटियों के शवों को देखकर दोनों घरों में कोहराम मच गया। दोनों के माता- पिता, भाई- बहन व अन्य परिजन फूूट- फूट कर रोने लगे। इसके बाद दोनों की अर्थियां एक साथ निकलने से गांव में मातम पसर गया। जिस घर के सामने से भी अर्थियां निकलीं, हर किसी की आंख से आंसू बहने लगे। दोनों के शवों का गांव के बाहर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इसी तरह बरतला गांव की किशोरी के परिजनों ने भी पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने किशोरी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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जान बचाने को देवी मां से मांगी मन्नत, नहीं हुई पूरी
आस्था और नैंसी को तालाब से अचेत अवस्था में निकालने के बाद परिजन व ग्रामीण उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले गए, लेकिन गांव में उनकी माताएं, भाई और बहनें उनकी जान बचने की आस में देवी मां से मन्नतें मांगते रहे, लेकिन किसी की मन्नत काम न आईं और दोनों की मौत हो गई।
पंचनामा भरते पुलिस- फोटो : LALITPUR