संवाद न्यूज एजेंसी
पूंछ। निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के बड़े-बड़े दावे और वादों के बीच छुट्टा पशुओं की भरमार बनी हुई है। खेतों की ओर जाने वाली पगडंडियां हों या हाईवे, हर जगह इनकी आवाजाही नजर आ जाती है। छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाना किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा वाहन चालकों के लिए भी ये हादसे का सबब बने हुए हैं।
क्षेत्र के ग्राम महाराजगंज ढेरी, पूंछ कस्बा, फतेहपुर स्टेट, चितगुवां, जलता कला सहित आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश सड़कों और खेतों में घूमते देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर गोशालाएं संचालित की जा रही हैं, इसके बावजूद छुट्टा गोवंश विचरण करते नजर आते हैं। पशुओं से फसलों को बचाने के लिए उन्हें रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ जाती है। इसके अलावा आए दिन छुट्टा पशुओं की वजह से सड़कों पर दुर्घटनाएं भी होती है, जिससे वाहन चालकों को तो नुकसान होता ही है, साथ ही हादसे पशुओं की जान पर भी भारी पड़ जाते हैं।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी मोंठन अवनीश तिवारी ने बताया कि संबंधित विभाग को छुट्टा पशुओं पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं।