झांसी। लहचूरा थाना इलाके में दो दिन पहले हुई 11 वर्षीय बालक की हत्या की घटना का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। बालक के चार दोस्तों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतारा था। मोबाइल गेम खेलने के दौरान बालक ने अपने दोस्त के मोबाइल पर उसका एक अंतरंग वीडियो देख लिया था, यह बात किसी को पता न चले, जिसके चलते बालक की हत्या कर दी गई थी।
ग्राम खंदरका निवासी संतराम यादव का पुत्र सुमित यादव (11) बुधवार को अचानक गायब हो गया था। अगले दिन उसका शव गांव में श्यामलाल के बाड़े में भूसे व कंडे के ढेर में दबा मिला था। जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची डॉग स्क्वाएड ने वहां मौजूद युवक राघवेंद्र राजपूत व एक नाबालिग को सूंघते हुए पुलिस टीम को इशारा किया था। पुलिस ने जब दोनों से पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया। एसएसपी शिवहरी मीणा ने बताया कि गांव का रवि श्रीवास, जितेंद्र दुबे, राघवेंद्र राजपूत और एक नाबालिग लड़का सुमित के साथ मोबाइल पर पबजी गेम खेलते थे। सुमित के पास फोन नहीं था, वो रवि या दूसरे दोस्त के फोन में गेम खेलता था। एक दिन गेम खेलने के दौरान उसने रवि की गांव की एक लड़की के साथ आपत्तिजनक वीडियो देख ली। इस पर रवि ने सुमित को धमकाया कि वो इस वीडियो के बारे में किसी को नहीं बताएगा। धमकी से नाराज सुमित ने कहा कि अब वो गांव में सभी को वीडियो के बारे में बताएगा। इससे डरे रवि ने जितेंद्र, राघवेंद्र व नाबालिग लड़के के साथ मिलकर रवि को ठिकाने लगाने की योजना बना डाली। रवि ने सुमित के खास नाबालिग दोस्त को पांच सौ रुपये का लालच देकर सुमित को बुलवा लिया। जबकि, दूसरे आरोपी राघवेंद्र को कर्ज के 16 हजार रुपये माफ करने का लालच दिया था। सुमित के आने पर चारों ने उसे घेर लिया और सिर पर चारपाई की पाटी मारकर हत्या कर दी। घटना के खुलासे के लिए एसएसपी ने पुलिस टीम को 21 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।