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Jhansi News: तीन ट्रक ड्राइवर समेत चार की मौत, बुखार, उल्टी-दस्त के 49 मरीज भर्ती

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परिजन बोले- भीषण गर्मी से तबीयत बिगड़ने से गई है जान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। भीषण गर्मी में अलग-अलग जगहों पर तीन ट्रक ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई। परिजन गर्मी से तबीयत बिगड़ने की बात कह रहे हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में ही बुखार, उल्टी-दस्त के 49 मरीज भर्ती हुए।
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बिहार के बक्सर के फफदर गांव निवासी अशोक कुमार (46) पुत्र अनंत राम नेपाल से ट्रक में स्टील लादकर अहमदाबाद जा रहा था। बृहस्पतिवार दोपहर को जब वह झांसी-शिवपुरी हाइवे से होता हुआ सुजवाहा तिराहे के पास पहुंचा, तब उसकी तबीयत बिगड़ गई। ट्रक में उसे कई बार उल्टी हुई। ट्रक के अंदर ही वह अचेत हो गया। उसके साथ चल रहे सुधीर कुमार के मुताबिक दोपहर में अशोक को लू लग गई। हालत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां उसकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी विनीता समेत दो पुत्र एवं एक पुत्री है। परिवार के लोग भी यहां पहुंच गए। शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर उसका शव परिजनों को सौंप दिया। इसी तरह, टीकमगढ़ के बढ़ेरा गांव निवासी ट्रक चालक अशोक कुमार राय (36) पुत्र मुन्नीलाल ट्रक से झांसी आ रहा था। बृहस्पतिवार की दोपहर जैसे ही वह बस स्टैंड के पास पहुंचा, तबीयत बिगड़ने से वह अचेत हो गया। उसके साथ मौजूद क्लीनर राधे ने परिजनों को सूचना दी। अचेत हाल में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। सास रानी का कहना है कि लू लगने से अशोक की तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं, पंजाब के अमृतसर निवासी ट्रक ड्राइवर जयपाल सिंह (60) की भी झांसी में तबीयत बिगड़ गई। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे वह मोंठ के अमरा गांव स्थित फिलिंग स्टेशन पहुंचा और वहां के कर्मचारियों को बताया कि बुखार आ गया है। दवा दिलवा दो। सेल्समैन आनंद कुमार उसे साथ ले गया और अस्पताल से दवा दिलाई। मैनेजर धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने बताया कि दवा खाकर चालक ट्रक में ही आराम करने लगा। रात आठ बजे जब चालक से ट्रक ले जाने के लिए कहा गया तो कोई उत्तर नहीं मिला। ट्रक के अंदर देखा तो वह मृत अवस्था में पड़ा था। उन्होंने मोंठ थाना प्रभारी को भी सूचना दी है। टहरौली के कुम्हरयाना मोहल्ला निवासी पति नाथूराम ने बताया कि उनकी पत्नी सावित्री देवी (70) की बृहस्पतिवार को गर्मी की वजह से तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार था और घबराहट हो रही थी। इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां डि्रप चढ़ाने के बाद वापस घर ले आए। बाद में उनकी मौत हो गई। वहीं, गर्मी के चलते उल्टी-दस्त और बुखार के 15 मरीज महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भर्ती हुए। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने कहा कि सभी का इलाज चल रहा है। इसके अलावा सीएचसी मोंठ में उल्टी-दस्त, पेट दर्द होने पर 20 मरीज भर्ती किए गए। इन्हें ड्रिप चढ़ाई गई। बंगरा सीएचसी में भी यही समस्या लेकर पांच मरीज भर्ती हुए। वहीं, समथर के अस्पताल में गर्मी के कारण बेचैनी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर नौ मरीज भर्ती हुए।
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