विशेष न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पति को दोषी पाते हुए 6 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
करीब तीन साल पहले दहेज के लिए प्रताड़ित करने व पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले पति को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अनुभव द्विवेदी की अदालत ने दोषी पाते हुए 6 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और उस पर जुर्माना भी लगाया। वहीं, अन्य आरोपियों को संदेह के आधार पर दोषमुक्त कर दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दिसंबर 2022 में ममता कुशवाहा (मृतका) के भाई ने कटेरा थाने में तहरीर दी थी। इसमें उल्लेख किया गया था कि उसकी बहन की शादी कगर गांव निवासी देवेंद्र के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद देवेंद्र व उसके परिजन दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। पति उसे पीटता था, जिसके चलते ममता मायके में रहने लगी थी। इसके बाद, 6 दिसंबर 2022 को देवेंद्र उसे वापस मायके से ले गया। कुछ दिन बाद बहन का फोन आया कि उसके साथ मारपीट की जा रही है। इसी दौरान ममता ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने पति देवेंद्र, ससुर प्रभुदयाल, सास बेनी बाई और देवर जितेंद्र आदि के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। विशेष न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पति को दोषी पाते हुए 6 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।