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Jhansi News: हाईवे पर पांच और गायों को अज्ञात वाहनों ने रौंदा, मौत

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संवाद न्यूज एजेंसी



बरुआसागर। हाईवे पर वाहनों की टक्कर से गोवंशों के मरने का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते रोज मऊरानीपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से सात गोवंशों की मौत हो गई थी, जबकि मंगलवार को बरुआसागर में झांसी-खजुराहो हाईवे पर अलग-अलग स्थानों पर हुए दो हादसों में तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से पांच गोवंश की मौत हो गई। जबकि, एक गोवंश घायल हो गया। गोवंश को रौंदने वाले दो वाहनों में से एक को पकड़कर लोगों ने पुलिस के हवाले किया।

बरुआसागर थाना क्षेत्र के बरेठी में ओवरब्रिज के पास हाईवे पर अज्ञात वाहन चार गोवंशों को रौंदते हुए चला गया। हादसे में तीन गोवंश की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। सुबह सड़क से गुजर रहे लोगों को एक के बाद एक गोवंश क्षति-विक्षत अवस्था में पड़े मिले। सड़क खून से सनी हुई थी। इससे मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर थाना प्रभारी शिवजीत सिंह राजावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृत गोवंशों को सड़क से हटवाकर दफन कराया। जबकि, घायल गोवंश को इलाज के लिए भेजा। मौके पर पहुंचे गो सेवकों ने घटना पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने गायों को रौंदने वाले वाहन का पता लगाकर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही गोवंशों के हाईवे पर पहुंचने से रोकने के भी ठोस इंतजाम करने की मांग की।
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इसके बाद रात तकरीबन आठ बजे झरना मुक्तिधाम के पास हाईवे पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर बैठे दो गोवंशों को रौंद दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मौके पर जमा हुए लोगों ने चालक और वाहन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना के सबंध में थाना प्रभारी शिवजीत सिंह राजावत ने बताया कि सुबह अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारने की बात सामने आई है। सीसीटीवी कैमरों और टोल प्लाजा के माध्यम वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



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16 दिन में मारे गए 16 गोवंश



बारिश की वजह से इन दिनों खेतों में पानी भरा हुआ है। जबकि, गांवों की कच्ची जगहों पर कीचड़ जमा है। ऐसे में मच्छर, मक्खी व अन्य कीड़ों से बचने के लिए गोवंश सड़कों की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन, सड़कें उनके लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले 16 दिनों में मऊरानीपुर और बरुआसागर में 16 गोवंशों की वाहनों की टक्कर से मौत हो चुकी है। हालांकि, सड़कों पर गोवंश न पहुंचे, इसकी निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति इतर है। जगह-जगह सड़कों पर गोवंशों के झुंड नजर आ जाते हैं, जो सड़क यातायात की दृष्टि से भी घातक साबित हो रहे हैं। इसके बावजूद, रोकथाम के प्रभावी उपाय नहीं किए जा रहे हैं। इससे यह भी जाहिर है कि गो आश्रय स्थलों में गोवंश को आश्रय नहीं मिल पा रहा है।
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गोवंशों को सड़कों पर आने से रोकने के लिए स्वयं सहायता समूह, एफपीओ व अन्य सामाजिक संस्थाओं को अलग-अलग सड़कों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही हैं। सड़कों पर आने वाले गोवंशों को गोशालाओं में पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में प्रशासन के साथ बैठक हो चुकी है। - श्याम बिहारी गुप्ता, अध्यक्ष-गो सेवा आयोग
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