झांसी। बुंदेलखंड के सातों जिलों के 189 केंद्रों पर 5522 परीक्षार्थी पहली पाली की परीक्षा दे रहे थे। झांसी को छोड़कर कहीं पर भी पेपर आउट होने की हलचल सुनाई नहीं दी। छात्र परीक्षा देकर घर भी पहुंच गए। बाद में उन्हें परीक्षा निरस्त होने की जानकारी हुई तो उन्होंने बीयू के सिस्टम को कोसना शुरू कर दिया।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में तीन साल में दूसरी बार पेपर आउट हुआ है। इससे पहले 16 मार्च 2020 को झांसी में बीएससी प्रथम वर्ष के केमिस्ट्री द्वितीय का पेपर एक दिन पहले खुल गया था। तत्कालीन कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन के पास किसी व्यक्ति ने फोन करके पेपर आउट होने की जानकारी दी थी। सबूत के तौर पर कुलपति की ई-मेल पर भी पेपर भेजा गया था। दूसरी पाली का पेपर शुरू हुआ तो उसका मिलान किया गया। दोनों प्रश्नपत्र सशब्द एक जैसे पाए गए। इसके बाद परीक्षा निरस्त करते हुए केंद्र को डिबार कर दिया गया।
इसके बाद अगले साल कोरोना काल में निकल गया। इस साल सुचारु रूप से परीक्षा हो रही थी। एक सप्ताह का ही समय बीता है और अब बड़े प्रश्नपत्रों की परीक्षा शुरू चुकी है। ऐसे में बुधवार को बीएससी द्वितीय वर्ष के भौतिक विज्ञान का द्वितीय प्रश्नपत्र आउट हो गया। परीक्षा सुबह दस बजे खत्म हो गई थी और बीयू ने दोपहर 12 बजे के आसपास परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया। तब तक अधिकांश छात्र पेपर देकर घर पहुंच चुके थे। अगली परीक्षा की तैयारी के बारे में सोच रहे थे, इसी बीच उन्हें पेपर निरस्त होने की जानकारी हुई। इससे ज्यादातर छात्र आहत हो गए। उन्होंने बीयू के सिस्टम को कोसना शुरू कर दिया।
इन जिलों की परीक्षा हुई निरस्त
पेपर आउट होने के बाद बुंदेलखंड के सात जिले झांसी, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, जालौन जिले के केंद्रों पर हुई परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।
झांसी। पेपर लीक प्रकरण में टहरौली का एक कॉलेज शक के दायरे में आ गया है। छात्रों से मिली सूचना के आधार पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में इस कॉलेज के स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं। फुटेज देखने के बाद ही बीयू आगे की कार्रवाई करेगा।
विद्यार्थियों के व्हाट्स एप पर मिले भौतिक विज्ञान के द्वितीय प्रश्नपत्र की कड़ियां मिलानी शुरू की गईं तो पता चला कि चिरगांव के एक महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र के पास से पेपर वायरल होना शुरू हुआ है। ऐसे में बीयू प्रशासन ने एक टीम चिरगांव के कॉलेज को रवाना कर दी। जब टीम वहां पहुंची तो जानकारी हुई कि कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों का केंद्र टहरौली के एक कॉलेज को बनाया गया है। फिर टीम टहरौली भी भेजी गई, मगर तब तक परीक्षा छूट चुकी थी। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि टहरौली के कॉलेज से स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी फुटेज मंगवाई गई है। इसी जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।