झांसी। महाशिवरात्रि पर भांग का अधिक सेवन कर लेने से एक युवक का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। शाम को करीब पांच बजे जान देने के लिए पास के कुएं में कूद गया। यहां लोगों ने किसी तरह से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन रात को करीब 12 बजे घर के पास खड़े पेड़ पर फांसी लगा ली। परिवार वालों ने देखा तो तत्काल उतारकर मेडिकल कालेज लाए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
थाना सीपरी बाजार के लकारा निवासी भंवर सिंह का मझला बेटा अखिलेश (22) पढ़ाई बीच में अधूरी छोड़कर गांव में रहता था। परिजनों का कहना है मंगलवार को महाशिवरात्रि पर उसे गांव के लोगों ने भांग खिला दी। अखिलेश नशा नहीं करता था। भांग के अधिक सेवन से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। उसने अजीबोगरीब हरकतें करनी शुरू कर दी। दोपहर में वह गांव के एक कुएं में कूद गया। गांव वालों ने किसी तरह उसे कुएं से बाहर निकाला। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी छुट्टी कर दी थी।
उसके भाई गुलाब का कहना है देर-रात उसके साथ ही अखिलेश कमरे में लेटा था। इस दौरान वह टॉयलेट के लिए बाहर जाने की बात कहकर उठा। कुछ देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तब उसे शंका हुई। कमरे के बाहर जाकर देखा तब अखिलेश पेड़ की डाल पर रस्सी के सहारे लटका था। परिजनों ने रस्सी काटकर उसे नीचे उतारा। देर-रात उसे मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। गुलाब का कहना है पिता कैंसर से पीड़ित हैं। छह भाई-बहनों में अखिलेश तीसरे नंबर का था। उसकी मौत के बाद से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। इंस्पेक्टर चंद्रशेखर दुबे का कहना है कि परिजनों ने किसी तरह की अनहोनी की बात नहीं बताई है। घर वालों का कहना है कि उसे कोई तनाव नहीं था। नशे में आत्मघाती कदम उठा लिया।