डीजल शेड में आग से जली मशीनें।
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रेलवे डीजल शेड में लगी आग, करोड़ों का नुकसान
झांसी। डीजल शेड के गवर्नर और एयर ब्रेक कक्ष में सोमवार की सुबह आग लग गई, जिसे दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया जा सका। आग से दोनों कक्षों में रखीं चार करोड़ रुपये से अधिक की मशीनें और अभिलेख जलकर नष्ट हो गए। घटना की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, इस घटना के बाद डीजल शेड में काम ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।
डीजल शेड के पास एक सौ पच्चीस इंजन हैं। यहां अलग- अलग समय पर आने वाले उक्त इंजनों की मरम्मत का काम चलता रहता है। शेड में गवर्नर व एयर ब्रेक सेक्शन के कक्ष बने हैं। गवर्नर सेक्शन में इंजन में लगने वाले गवर्नर पार्ट्स की जांच होती हैं। इंजन के सभी इलेक्ट्रानिक पार्ट्स भी यहीं पर जांचे जाते हैं। ओवरहॉलिंग का भी काम होता है। साथ में एयर ब्रेक सेक्शन का कक्ष बना है। इस सेक्शन एयर ब्रेक से जुड़े पार्ट्स की जांच और उनकी सफाई का काम होता है। इंजन में लगे रहने वाले पार्ट्स की जांच में उक्त दोनों सेक्शन अहम भूमिका निभाते हैं। इन सभी जांचों के लिए दोनों कक्षों में चार करोड़ से अधिक की मशीनें लगीं थीं। इंजन के समयबद्ध मरम्मत का रिकार्ड भी इन सेक्शनों में रखा था।
सोमवार की सुबह करीब पांच बजे उक्त कक्षों में आग लग गई। देखते ही देखते आग भड़क गई। सुबह करीब पौने छह बजे कर्मचारियों को आग लगने का पता लग सका। कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों से आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मचारी करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके। सुबह सात बजे आग को बुझाया जा सका। हालांकि, तब तक दोनों सेक्शनों में रखी मशीनें और अभिलेख जलकर नष्ट हो गए। इस मामले में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
550 कर्मचारी करते हैं काम
डीजल शेड में करीब 550 कर्मचारी कार्यरत हैं। यह कर्मचारी शेड में सुबह छह से दोपहर दो बजेे तक, दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक और कार्यालय ड्यूटी व जांच सेक्शन में लगे कर्मचारी सुबह आठ से शाम पांच बजे तक की ड्यूटी में काम करते हैं।