झांसी। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ फीफा विश्व कप की शुरुआत के साथ झांसी में भी फुटबॉल का जुनून बढ़ गया है। मैदानों से लेकर स्पोर्ट्स दुकानों तक इसका असर दिखाई दे रहा है। युवाओं और स्कूली खिलाड़ियों में फुटबॉल खेलने का रुझान तेजी से बढ़ा है।
शहर की स्पोर्ट्स दुकानों पर फुटबॉल, जर्सी, फुटबॉल शूज, गोलकीपर ग्लव्स, नेट और अन्य प्रशिक्षण उपकरणों की बिक्री में तेजी आई है। कारोबारियों का कहना है कि फीफा विश्व कप शुरू होते ही फुटबॉल से जुड़े उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है।
मानिक चौक और सीपरी बाजार के स्पोर्ट्स कारोबारियों के अनुसार प्लास्टिक और रबर की कीमतों में वृद्धि के कारण फुटबॉल और उससे जुड़ी खेल सामग्री के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़े हैं। इसके बावजूद बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
झांसी में खेल सामग्री मुख्य रूप से मेरठ, चेन्नई, मुंबई, मुरादाबाद और जालंधर से आती है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों, कॉलेजों और निजी अकादमियों में फुटबॉल गतिविधियां बढ़ने से इस खेल के प्रति रुचि बढ़ी है, जिससे स्थानीय बाजार को भी नई गति मिली है।
फुटबॉल की बिक्री बढ़ी
फीफा विश्व कप शुरू होते ही फुटबॉल और उससे जुड़ी सामग्री की बिक्री बढ़ गई है। इस बार युवाओं में खासा उत्साह है। स्कूली बच्चे भी बड़ी संख्या में फुटबॉल खरीदने आ रहे हैं।
- उत्कर्ष अग्रवाल, स्पोर्ट्स कारोबारी, इलाइट चौराहा
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बदल रहा है खेल का माहौल
पहले झांसी में फुटबॉल सीमित स्तर पर खेला जाता था, लेकिन अब माहौल तेजी से बदल रहा है। खिलाड़ी बेहतर गुणवत्ता की फुटबॉल और जूतों की मांग कर रहे हैं।
- अजिंक्य अग्निहोत्री, स्पोर्ट्स कारोबारी, सीपरी बाजार
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20 फीसदी तक बढ़े दाम
प्लास्टिक और रबर की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण फुटबॉल के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़े हैं। इसके बावजूद खरीदारी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। खिलाड़ी अब खेल को लेकर अधिक गंभीर हो गए हैं।
- दिनेश जोशी, स्पोर्ट्स कारोबारी, सीपरी बाजार
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बड़े आयोजनों से मिलती है बाजार को रफ्तार
झांसी में खेल सामग्री मेरठ, चेन्नई, मुंबई, मुरादाबाद और जालंधर से आती है। पहले फुटबॉल की मांग कम थी, लेकिन अब लगातार बढ़ रही है। फीफा विश्व कप जैसे बड़े आयोजन बाजार को नई रफ्तार देते हैं।
- अमन जोशी, स्पोर्ट्स कारोबारी, सीपरी बाजार