रेलवे माल गोदाम में बिना शेड के रखीं किसान यूरिया की बोरियां। अमर उजाला
झांसी। रेलवे माल गोदाम में पर्याप्त शेड की व्यवस्था न होने के कारण यूरिया खाद की कई बोरियां बारिश के पानी से भीग गईं। हालांकि, ठेकेदार ने बोरियों के पानी से बचाने के लिए तिरपाल डाल रखी थी, लेकिन वह भी पूरी तरह हिफाजत नहीं कर सकी।
रेलवे माल गोदाम में चौबीस घंटे माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम होता है। यहां से अलग- अलग जगहों से सीमेंट, खाद, यूरिया, चावल, नमक की रैक आती हैं। यहां से गेहूं लोड होकर दूसरे राज्यों में जाता है। यहां पर माल उतारने और चढ़ाने के लिए तीन प्लेटफार्म हैं, लेकिन शेड केवल एक प्लेटफार्म पर ही है। ऐेसे में ठेकेदारों को बारिश के महीनों में अपना माल खराब होने का डर बना रहता है। सोमवार को मालगाड़ी के एक रैक से यूरिया खाद की बोरियां लाई गई थी। मजदूरों ने बोरियों को उतारकर खुले में रख दिया। माल उठने तक बोरियों को तिरपाल से ढक दिया गया। लेकिन तेज बारिश के कारण तिरपाल कई जगह से हट गई और बोरियां पानी से भीग गई। इस समस्या को लेकर व्यापारी कई बार रेल प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि माल गोदाम को गढ़मऊ स्टेशन के पास स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। ऐसा होते ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।