- लगातार चल रहे चेकिंग अभियानों के बाद महिलाएं बनवाने लगीं ड्राइविंग लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। चालान कटने का डर कहें या जागरूकता का असर... झांसी की महिलाएं भी स्कूटी और कार ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बाद ही चला रही हैं। छह महीने पहले तक परिवहन विभाग में जहां हर महीने 10-15 महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते थे। वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 125 के पार पहुंच गया है। विभाग ने बीते छह महीने में सात सौ महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए हैं।
झांसी में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां दोपहिया वाहन चलाती हैं। साथ ही कार चलाने वाली महिला-युवतियों की खासी तादाद है। छह महीने पहले नवंबर में परिवहन और यातायात विभाग ने सड़क हादसों में इजाफा होने के बाद चेकिंग अभियान शुरू किया था। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्कूटी और कार चलाते ऐसी महिलाओं और युवतियों को पकड़ा गया था, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं था। इस पर धड़ाधड़ चालान भी काटे गए और महिलाओं-युवतियों को लाइसेंस बनवाने की हिदायत दी गई।
विभाग की कार्रवाई का असर अब दिखने लगा है। परिवहन विभाग के ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रत्येक माह महिलाओं के तकरीबन सवा सौ लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। छह महीने में (नवंबर से अप्रैल तक) विभाग ने सात सौ महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए हैं। परिवहन विभाग के प्राविधिक निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदनों में खासा इजाफा हुआ है। औपचारिकता के बाद कार्यालय से प्रत्येक माह 125 से अधिक महिलाओं के लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।