झांसी। कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ते ही देश के कई महानगरों में काम करने वाले लोगों में एक बार फिर से लॉकडाउन लगने का डर सता रहा है। इसके चलते बाहर राज्यों में कार्य करने वाले बुंदेलखंड के युवा अब अपने घरों का रुख करने लगे हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इस तरह की कोई भी सूचना जारी नहीं की गई है।
बुंदेलखंड के सैकड़ों युवा दिल्ली, मुंबई, पुणे, बैंगलोर, पंजाब, चेन्नई के कई महानगरों में काम कर रहे हैं। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के फैलने के कारण 24 मार्च की रात से लॉकडाउन लगाया गया था। इस दौरान रेलों और बसों के साथ ही घरों से बेवजह निकले पर भी पाबंदी लाई गई थी। जिसके चलते बाहर काम कर रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस दौरान लोगों के सामने खाने तक का संकट खड़ा हो गया था। कई लोगों ने तो लंबी दूरी को पैदल ही तय किया था। कोरोना संक्रमण के मरीजों में कमी होती ही सरकार द्वारा अनलॉक की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया था। जिसके तहत बाजारों को खोलने के साथ ही स्पेशल ट्रेनों को भी शुरू कर दिया गया था। स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू होते ही युवाओं द्वारा रोजगार की ओर दोबारा रुख कर लिया था। लेकिन अब फिर से कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा होते ही लॉकडाउन का भय सताने लगा है। जिसके चलते दूसरे शहरों में काम करने वाले बुंदेलखंड के लोगों ने अपने शहर का रुख करना ही बेहतर समझ लिया है।