झांसी। सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए लोग तमाम हथकंडे अपनाते हैं। जिले के 2497 संपन्न लोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना छह हजार रुपये पाने के लिए किसान बन गए। ये सभी आयकरदाता हैं। कई तो सरकारी विभागों से उच्च पदाें से रिटायर और व्यवसायी भी हैं। इनमें 550 अपात्रों ने अब तक 51 लाख रुपये लौटा दिए हैं। दूसरे भी लौटाने की तैयारी में हैं। इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी प्रक्रिया में गड़बड़ी पकड़ में आई तो कृषि विभाग ने अपात्रों को नोटिस जारी किए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लघु और सीमांत किसानों को सालभर में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह राशि हर चार महीने में दो हजार के हिसाब से लाभार्थी के खाते में आती है। इस समय जिले में लगभग दो लाख 51 हजार को इस योजना का लाभ मिल रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का कहना है कि 2497 किसान अपात्र पाए गए थे। जिसमें से 550 किसानों से 51 लाख रुपये वसूली की गई है। इन किसानाें ने घोषणा पत्र देकर खुद को आजीविका चलाने के लिए किसान बताया था। गड़बड़ी पकड़ में आने पर अपात्रों में हड़कंप मचा हुआ है।