बंगरा (झांसी)। बंगरा क्षेत्र के ग्राम पठाकरका के पठारी खिरक निवासी किसान ने गत दिनों बारिश के साथ ओले गिरने से फसल खराब होने और आर्थिक स्थिति खराब होने पर शनिवार की शाम को साढ़े सात बजे के करीब खेत के पास लगे पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर झूल गया। रात में उसका भाई खाना देने के लिए खेत गया तो पेड़ पर लटका शव देखा। उसकी चीखपुकार से आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मऊरानीपुर के एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि लेखपाल को भेजकर घटना की जानकारी ली जा रही है। परिवार को हर तरह की मदद दी जाएगी।
किसान भजन लाल कुशवाहा (36) पुत्र नाथूराम खेती किसानी कर अपने परिवार का भरणपोषण करता था। शनिवार को वह खेत की रखवाली के लिए गया था। वहीं पर उसने बबूल के पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। रात में उसके भाई खाना देेने के लिए पहुंचे तो उसका शव लटकता देख वह चीखने लगे। बड़े भाई परमानंद कुशवाहा ने बताया कि गत दिनों बारिश और ओले गिरने से उसकी फसल भी खराब हो गई थी। इससे वह उदास हो गया था। उसकी आर्थिक स्थिति भी पहले से खराब थी। विद्युत विभाग का भी एक लाख रुपये बकाया था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। पिता की मौत से दोनों बेहाल हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर रविवार की शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर किसान नेता अखिलेश लिटौरिया और देवेंद्र राजावत भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर बकाया वसूली के लिए विद्युत विभाग किसी उत्पीड़न करता तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मृतक किसान के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उधर, एसडीएम का कहना है कि क्षेत्र के लेखपाल को मौके पर भेजकर घटना के संबंध में जानकारी मांग की गई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर मृतक किसान के परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।