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Jhansi News: आंखें लाल, टपक रहा पानी, कंजेक्टिवाइटिस के मरीज बढ़े

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बारिश से तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस होने से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनप रहे हैं। इससे आंखों में एलर्जी और कंजेक्टिवाइटिस (आंखों का लाल होना) हो रहा है। न सिर्फ मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी बल्कि निजी अस्पतालों में भी इनके रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों बारिश में आंखों में संक्रमण की वजह से कंजेक्टिवाइटिस का संक्रमण और एलर्जी हो जाती है। खास बात यह कि कंजेक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया दोनों से हो सकता है। इसमें कंजंक्टिवा (आंख का सफेद हिस्सा और पलकों की अंदरूनी झिल्ली) में सूजन आ जाती है। आंखें लाल हो जाती हैं और आंसू आने के साथ किरकिराने लगती हैं। आंख में दर्द भी होने लगता हैं और सूरज की रोशनी में आने पर दिक्कत होती है। डॉक्टरों का कहना है कि कंजेक्टिवाइटिस उपचार कराने से सामान्यत: 7-8 दिन में ठीक हो जाती है मगर इसमें लापरवाही काफी दिक्कत खड़ी कर देती है। लोग डॉक्टर को दिखाने के बजाय मेडिकल स्टोर अथवा अपने हिसाब से आंख में दवा डाल लेते हैं, जिसमें स्टेरॉयड होती है। स्टेरॉयड से जल्द राहत मिल जाती है और कंजेक्टिवाइटिस सही होने का अहसास होता है मगर वह दवा बंद होते ही घातक हो जाता है। सूजन होने के साथ दिक्कत बढ़ जाती है, जिससे रोशनी को नुकसान हो सकता है।
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0- ये हैं कंजेक्टिवाइटिस के लक्षण



आंख से पानी आना

कीचड़ आना



जागने पर आंख चिपकना

आंख का किरकिराना



0- ये सावधानी बरतना जरूरी



साफ तौलिया और रुमाल से आंख पौंछे
खुजली होने पर आंख को रगड़ें नहीं



चश्मा पहनें ताकि आंख को राहत मिले

आंख पौंछने के बाद हाथ तुरंत धोएं



संक्रामक रोग हैं इसलिए दूरी बनाकर रखें

0- ये कहना है डॉक्टरों का

कंजेक्टिवाइटिस होने पर डॉक्टर को दिखाएं। अपने स्तर से या मेडिकल स्टोर से दवा नहीं लें। स्टेरॉयड से तुरंत राहत मिलती है मगर कुछ दिन बार स्थिति बिगड़ जाती है। इनके रोगियों की संख्या बढ़ी है।
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डॉ. शमी, नेत्र रोग विशेषज्ञ

बरसात में आंखों की एलर्जी और कंजेक्टिवाइटिस के रोगियों का ओपीडी में आना शुरू हो गया है। कंजेक्टिवाइिटस होने पर कंजेक्टिवा में सूजन आ जाती है, इसलिए डॉक्टर को दिखाकर ही दवा डालें

डॉ. जितेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग
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