अगस्त और सितंबर में बारिश के मौसम के कारण आंखों में कंजक्टिवाइटिस व पिंक आई की शिकायत होने लगती है। इस मौसम में कभी एकाएक तेज गर्मी पड़ती है और कभी तेज बारिश होने लगती है। मौसम के इस असंतुलन के कारण बैक्टीरिया और वायरस सक्रिय होकर आंख में संक्रमण फैलाने लगते हैं। बैक्टीरिया और वायरस का संक्रमण अधिकतर पहले एक आंख में होता है। कुछ दिनों बाद दूसरी आंख में फैल जाता है। घर में एक रोगी से दूसरों में भी फैलने लगता है।
इन दिनों कंजक्टिवाइटिस और पिंक आई के मामलों में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। झांसी में 25 नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। हर आई स्पेशिलिस्ट के पास रोजाना 12 से 18 मरीज इस बीमारी के पहुंच रहे हैं। ऐसे में रोजाना लगभग 400 मरीज कंजक्टिवाइटिस का शिकार हो रहे हैं।
लक्षण
- आंख लाल हो जाना
- आंख से पानी आना
- कीचड़ आना, चुभन व दर्द होना
- सुबह उठने पर आंख चिपक जाना
ये ध्यान रखें
- आंख की सफाई रखें
- दिन में 4-5 बार पानी से आंख धोएं
- आंख को उंगली से न खुजाएं
- साफ कपड़े का इस्तेमाल करें
- गाड़ी चलाते समय चश्मा, हेल्मेट लगाएं
ना बरते ये लापरवाही
संक्रमण होने पर अपनी तौलिया, चादर, रुमाल किसी दूसरे को इस्तेमाल न करने दें। अपने आप किसी दवा का इस्तेमाल न करें। रोग को ज्यादा बढ़ने न दें। समय पर डॉक्टर से इलाज कराएं।
बारिश में कंजक्टिवाइटिस के मामले 30 फीसदी बढ़ गए हैं। मैं ही रोज 15 से 18 मरीजों का इलाज करता हूं। इस बीमारी में जितना जल्दी इलाज करा लें वो ठीक है, क्योंकि कंजक्टिवाइटिस परिवार में एक से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलता है। साथ ही गुलाब जल न डालें। - डॉ. शमी, नेत्र रोग विशेषज्ञ।