अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनरल विपिन रावत डिफेंस कॉरिडोर में अगले साल पहला कारखाना बनकर तैयार हो जाएगा। रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की यह इकाई यहां 450 एकड़ के क्षेत्रफल में तैयार की जा रही है, जिसमें मिसाइलों के लिए बारूद बनाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर छह जनपदों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें झांसी भी शामिल है। इसके लिए गरौठा तहसील के छह गांवों में 1034 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है। वैसे तो रक्षा उत्पाद बनाने वाली छह कंपनियां यहां अपनी इकाई की स्थापना के लिए सरकार से करार कर चुकी हैं लेकिन इकाई की स्थापना का काम सबसे पहले बीडीएल ने शुरू किया था।
बीडीएल की ओर से इकाई निर्माण की जिम्मेदारी घनाराम कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई थी। एक अरब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही इस इकाई का निर्माण अंतिम दौर में पहुंच गया है। जून 2025 में कंपनी बनकर तैयार हो जाएगी। तैयार की जाने वाली बारूद का यहां परीक्षण भी होगा।
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प्रधानमंत्री ने रखी थी आधारशिला
भारत डायनामिक्स लिमिटेड के कारखाने की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 में रखी थी। सेना के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पीएम झांसी आए थे। यहां किले के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर की पहली कंपनी का शिलान्यास किया था।
आंतरिक सड़कों का भी शुरू हुआ निर्माण
डिफेंस कॉरिडोर अगले साल 2025 में अपना आकार ले लेगा। इसकी आंतरिक सड़कों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। साथ ही बाउंड्रीवॉल भी बनाई जा रही है। इसके लिए पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। यह काम साल 2025 में पूरे होने के आसार हैं।
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बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र के विकास में अहम साबित होगा। पहली इकाई बीडीएल स्थापित होने जा रही हैं। जल्द कुछ अन्य कंपनियां भी अपनी इकाइयों की आधारशिला रखेंगी। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग