झांसी। बिजली उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल देने, आकलित खपत के आधार पर उनकी जेब ढीली करने की कोशिश करने वाले बिजली कंपनी से राहत दिलाने में ई-जागृति पोर्टल ने काफी मदद की ही।
मामला पंजीकृत होने के बाद उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कई पीड़ितों के बिल कम कराए, तो अवैध रूप से राशि वसूल करने के मामलों में बिल निरस्त भी किए। आंकड़ों पर गौर करें तो पोर्टल शुरू होने के बाद अब तक बिजली बिलों से संबंधित 1,100 मामले आए। इनमें सैकड़ों मामले ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से भी पंजीकृत हुए।
उपभोक्ता सुमन गुप्ता को बिजली कंपनी ने इस्तेमाल से ज्यादा बिल दे दिया था। मार्च 2021 में मामला आयोग में पहुंचा था। आयोग ने सुनवाई करते हुए 1,29,247 रुपये के बिल को निरस्त कर दिया था। पीड़िता को वाद व्यय व मानसिक क्षति की राशि देने का आदेश दिया था।
बिजली उपभोक्ता बीना के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 2024 में निर्णय दिया था। इसमें 1,11,609 रुपये का बिल दिया था, लेकिन उपभोक्ता ने इसे अवैध बताया था। आयोग ने सुनवाई करते हुए उसे निरस्त करते हुए राहत दी थी।