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Jhansi News: करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं पहुंचा हर घर तक जल

Mon, 10 Mar 2025 01:27 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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टहरौली कस्बे का हाल- कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया पाइपलाइन बिछाने का काम
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मरम्मत के बाद भी सड़कों में जगह-जगह गड्ढे, सड़कों में जगह-जगह पड़े हैं गड्ढे
टहरौली। जल जीवन मिशन की हर घर जल पहुंचाने की योजना टहरौली में असफल साबित हो रही है। योजना का समय समाप्त होने के बाद भी जमीन पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। मरम्मत का कार्य कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया है, लेकिन सड़कों में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इसमें गिरकर बुजुर्ग, राहगीर, महिलाएं एवं बच्चे आये दिन चोटिल हो रहे हैं।

दो वर्ष पहले टहरौली तहसील क्षेत्र के 60 गांवों के लिए जल जीवन मिशन के तहत 120 करोड़ रुपये की लागत से हर घर जल योजना शुरू की गई थी। इसी के तहत टहरौली कस्बे में सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डालना शुरू किया गया था, लेकिन न तो अभी तक सभी मोहल्लों में पाइपलाइन पहुंच पाई है और न ही कनेक्शन दिए घरों में जल। गर्मी आते ही घरों में जल की खपत बढ़ना शुरू हो गई है, जिस कारण लोगों को प्यास बुझाने के लिए गांव के बाहर लगे हैंडपंपों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
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प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री से लेकर विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने व हर घर तक जल पहुंचाने के लिए ज्ञापन दिए जा चुके हैं। समाचार पत्रों के माध्यम से भी आला अधिकारियों तक समस्या से अवगत कराने का प्रयास किया गया है, लेकिन अभी तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। हैंडपंप व कुएं साथ छोड़ देते हैं। तब संपन्न वर्ग तो टैंकरों से पानी मंगाकर अपनी आवश्यकता पूरी कर लेते हैं, लेकिन गरीब व मजदूर वर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अक्तूबर-नवंबर माह में जल जीवन मिशन के लोग खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने पहुंचे तो गंज एवं तरचरयाना मोहल्ले के लोगों ने संगठित होकर उन्हें काम करने से रोक दिया। कहा कि जब तक हमारे घरों तक पानी नहीं पहुंचेगा हम लोग मरम्मत नहीं करने देंगे। तब तत्कालीन उप जिलाधिकारी अजय कुमार यादव ने शीघ्र ही घरों तक पानी पहुंचाने का आश्वासन देकर काम शुरू कराया था। लेकिन इतना समय गुजरने के बाद अभी तक इन मोहल्लों के घरों में पानी नहीं पहुंचा है।



सरकार व प्रशासनिक अधिकारी हर घर तक जल पहुंचने के झूठे दावे कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, जबकि हकीकत में लोगों को आज भी पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
-शिवमोहन नाथ खरे, एडवोकेट

पेयजल संकट दूर होने की उम्मीद लगाकर ग्रामीण खोदी गई सड़कों के कारण दो वर्षों से नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं, लेकिन स्थिति आज भी जस के तस है।
-सोनू पटसारिया, व्यापारी

खेतों में मटर,मसूर व चना के फसल की कटाई चल रही है, लेकिन किसान व मजदूर समय से खेतों पर न पहुंचकर पानी की व्यवस्था में भटकता रहता है।
-वेदप्रकाश चतुर्वेदी, किसान नेता

शिकायतों के बाद भी विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारी योजना के प्रति गैर जिम्मेदाराना तथा उदासीन रवैया अपनाये हुए हैं, जिसके चलते यहां के निवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
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-डॉ साहब सिंह बुंदेला, सामाजिक कार्यकर्ता

योजना के क्रियान्वयन में अनेकों तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी कई वार्डों में पेयजल नहीं पहुंच रहा है और मिशन के अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
-दिनेश परिहार पूर्व मण्डल अध्यक्ष भाजपा


जहां-जहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है। टीम भेजकर उन मोहल्लों की समस्या का निराकरण कराएंगे।
-विशाल चौधरी, उप अभियंता जल जीवन मिशन
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