झांसी। सोमवार को जिला उद्योग बंधु की बैठक हुई, जिसमें सामने आया कि औद्योगिक विकास के लिए एमएसएमई उद्यमियों को सात अरब 88 करोड़ रुपये का ऋण दिया जाना था, परंतु बांटा सिर्फ 75 करोड़ ही। इस स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए बढ़ाने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय व संवाद की कमी की वजह से कोई भी उद्यमी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ग्रोथ सेंटर में नए उद्योगों की स्थापना न होने पर डीएम ने उप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय प्रबंधक को हिदायत दी। उन्होंने कहा कि उद्यमी फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए आगे आएं। स्टैंड अप इंडिया योजना से एससी/एसटी महिला उद्यमियों को लाभान्वित किया जाए। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण हो। इसके अलावा जिलाधिकारी ने क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए अन्य दिशा निर्देश भी जारी किए।
इस मौके पर उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी समेत व्यापारी संजय पटवारी, दिलीप अग्रवाल, धीरज खुल्लर, संतोष साहू, नीरज स्वामी, चौधरी फिरोज आदि मौजूद रहे।