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मेडिकल कॉलेज में जल्द होगी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी

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मेडिकल कॉलेज में जल्द होगी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी
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प्रशांत शर्मा
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मरीजों को जल्द ही एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बन रहे सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक कॉर्डियोलॉजी की अलग यूनिट बन रही है। इसमें कैथ लैब की लगभग स्थापना हो गई है। इसी लैब में हृदय रोगियों को यह दोनों सुविधाएं नि:शुल्क अथवा रियायती दरों पर मिलेंगी।
एंजियोग्राफी रक्त वाहिनी नलिकाओं धमनी व शिराओं का एक प्रकार का एक्सरे जैसा अध्ययन है। इसका प्रयोग हृदय रोग, किडनी संक्रमण, ट्यूमर और खून का थक्का जमने आदि की जांच में किया जाता है। हृदय के ठीक से काम न करने पर शरीर में रक्त का संचार रुक जाता है। एंजियोग्राफी से हृदय की धमनी में रुकावट व सिकुड़न का पता चल जाता है। एंजियोग्राफी के बाद बीमारी से ग्रसित धमनियों को खोलने के लिए ही एंजियोप्लास्टी की जाती है। इससे रक्तविहीन मांसपेशियों में खून का प्रवाह बढ़ जाता है। उसे आराम मिल जाता है। हार्ट अटैक की आशंका कमी हो जाती है।
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जानकारों की मानें तो सरकारी अस्पतालों में आने वाले 12-15 फीसदी मरीज हाइपरटेंशन व अन्य हृदय रोगों से पीड़ित होते हैं। तमाम मरीजों को एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए तोे एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी कराना उनकी जेब की पहुंच से बाहर है। जबकि, निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी 10 से 12 हजार और एंजियोप्लास्टी एक से सवा लाख रुपये में होती है। अब मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक में यह सुविधा नि:शुल्क या फिर रियायती दरों पर उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए यहां बनी कार्डियोलॉजी की यूनिट पर कैथ लैब की स्थापना हो गई है।
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