झांसी। शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जे प्रशासन अब तक खाली नहीं करा सका। अफसरों की लापरवाही पर गृह मंत्रालय ने नाराजगी जताते हुए जल्द कार्रवाई करके पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। गृह मंत्रालय की ओर से जल्द ही एक टीम भी यहां पहुंचकर इन शत्रु संपत्तियों का मूल्यांकन करेगी। सरकार की योजना इसके जरिए राजस्व जुटाने की है।
भारत-पाकिस्तान के बीच वर्ष 1965 में हुई लड़ाई के बाद कई लोग अपनी संपत्ति छोड़कर चले गए। जांच-पड़ताल में महानगर में 22 संपत्तियां चिन्हित हुईं। यह सभी आवासीय भवन हैं। सरकारी सर्किल रेट के हिसाब से इनकी कीमत करीब 14.55 करोड़ रुपये आंकी गई। पिछले माह गृह मंत्रालय के कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया (सीईपीआई) शाखा ने इसे खाली कराकर अपने कब्जे में लेने के निर्देश दिए थे। सरकार की योजना इसके जरिए राजस्व जुटाने की थी लेकिन, करीब एक महीना से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक अफसर इसे खाली नहीं करा सके। इनके खाली न होेने की रिपोर्ट मिलने पर सीईपीआई के सचिव सौरभ रे ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गहरी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने यह कार्य जल्द पूरा कराने को कहा है। इसके साथ ही पूरी रिपोर्ट भी तलब की है। सचिव सौरभ रे ने प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य कराने को कहा है। इसके बाद जल्द ही एक केंद्रीय टीम भी यहां आकर इसका जायजा लेगी।